WHAT IS ANNUAL LEAVE : क्या होता है एनुअल लीव , कितने प्रकार से ले सकते है लीव जानिए पूरी जानकारी

 

एनुअल लीव : दोस्तों छुट्टी लेना किसे पसंद नहीं है मुझे लगता है कि सभी कर्मचारियों को छुट्टी लेना पसंद है चाहे सरकारी कर्मचारी हो या प्राईवेट कर्मचारी छुट्टी लेना सभी को रास आता है । फैक्ट्री से लेकर दुकान में काम करने वाले लोग भी छुट्टी लेने के शौकीन रहते है । कई लोगों की रविवार और त्योहार के अलावा अतरिक्त अवकाश चाहिए होता है आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से यह बताएंगे की एनुअल अवकाश क्या होता है कितने प्रकार से आप अवकाश ले सकते है । नियोक्ता आमतौर पर इसका लाभ लेने के लिए वार्षिक छुट्टी की मांग करते है । कई देशों के कानून द्वारा वार्षिक छुट्टी अनिवार्य है।  

क्या होता है वार्षिक अवकाश

वार्षिक अवकाश जिसे कभी कभी भुगतान समय या छुट्टी का समय भी कहा जाता है यह नौकरी में मिलने वाला लाभ है । इसमें सरकारी नौकरी से लेकर प्राईवेट नौकरी , या फिर कोई संस्था और फैक्ट्री भी ही सकती है । इस दिन कर्मचारी काम नहीं करते है आपको बता दें कि रोजगार काननू ऐसा करने का अधिकार है वैसे छुट्टी लेने का कोई विशेष कारण नहीं होता। लेकिन बीमारी , पारिवारिक समस्या , आदि कई वजहों से अवकाश लिया जा सकता है । आप इसके हकदार भी होते है ।

कितने प्रकार के होते है अवकाश

अवकाश कई प्रकार के होते है जिसमें हम आपको कुछ निम्न प्रकार के अवकाश के बारे में बताएंगे ।

विशेषाधिकार अवकाश

इसे पेड लीव या पीएल लीव भी कहते है भारत में लगभग हर प्रकार के उधम इस प्रकार के लीव प्रदान करते है फर्म लीव की मात्रा निर्धारित करती है जो उनकी छुट्टी नीतियों में पाई जा सकती है । पीएल लीव कम्पनी और एचआर नीतियों के आधार पर पीएल लीव प्रति वर्ष 20 से 30 लीव बनाती है। आपको एक वीक में एक दिन की छुट्टी मिलती है इसमें आप बिना काम किए पैसे कमाते है । साथ ही कुछ कम्पनी एक वीक में दो दिन लीव देती है ।

पितृत्व अवकाश

अपने बच्चे के जन्म के समय एक पिता पितृत्व अवकाश का पात्र होता है हालाकि भारत में अभी इस तरह का कोई कानून नहीं है जबकि अन्य देशों में यह कानून चल रहा है जिसमे पिता को अपनी पत्नी और होने वाले बच्चे की देखभाल करने के लिए कई महीनों की छुट्टी मिलती है।  कई लोग इसे माता पिता की छुट्टी भी बोलते है । भारत में कानून नहीं है फिर कई प्राईवेट कम्पनी कर्मचारी के काम और स्वभाव को देखते हुए कुछ दिनों की छुट्टी प्रदान जर देती है । इसके बाद पुनः काम पर लौटना पड़ता है ।

मातृत्व अवकाश

मातृत्व अवकाश भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के सभी देशों में मातृत्व छुट्टी देने की कानून है भारत के लिहाज से बात करें तो मातृत्व लाभ अधिनियम 1961 के अनुसार गर्भवती महिला कर्मचारी को  26 सप्ताह की  छुट्टी देनी होगी। इसमें कर्मचारी के वेतन में कटौती नहीं की जा सकती । जबकि पूर्वर्ती तीन प्रकार की छुट्टी AL/ S L / CL राज्य के नियमों द्वारा शासित होते है । संघीय सरकार मातृत्व अवकाश को नियंत्रित करती है। आपको बता दें कि पहले दो बच्चे ही इस छुट्टी के पात्र है जबकि तीसरे बच्चे में 12 सप्ताह की छुट्टी ली जा सकती है 
 

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