WHAT IS FINANCE : क्या होता है फाइनेंस , कितने प्रकार का होता है कैसे काम करता है फाइनेंस पूरी

 

क्या होता फाइनेंस

फाइनेंस एक ऐसी व्यवस्था है जो किसी भी कार्य को करने या किसी भी कम्पनी को सुचारू रूप से चलाने के लिए कम्पनी में काम आने वाली पूंजी के लिए कार्य करती है । आपको बता दें कि फाइनेंस शब्द का प्रयोग फ्रेंच भाषा से लिया गया है इस शब्द का उपयोग 18वीं सदी के आरम्भ में शुरू हुआ । फाइनेंस हमें यह जानकारी देता है कि हमें कौन सी जमा पूंजी कब और कहां लगाने की जरूरत है। कई लोग फाइनेंस को बिजनेस की मजबूती मानते है लेकिन फाइनेंस बिजनेस की रीढ़ की हड्डी नहीं बल्कि हमारे जीवन का एक आधार है । फाइनेंस पर निर्भर होकर ही हम अपने भविष्य की योजना बनाते है । आप फाइनेंस को सम्पत्ति और दायित्व का मिश्रण भी कह सकते है । फाइनेंस एक तरह का रिसोर्स होता है जिससे एक तरह की चीज खरीदी जा सकती है । और बाद उपभोक्ता को आईएमआई के तौर पर उस मूल्य को क्रेडिट देने वाली कम्पनी को वापस कर दी जाती है ।

फाइनेंस कितने प्रकार के होते है

पर्सनल फाइनेंस

हम पर्सनल फाइनेंस को व्यक्तिगत वित्त भी कहा जाता है । इसमें व्यक्ति अपने निजी जरूरतों के हिसाब से अपने पैसों को अपने तरीके से इस्तेमाल करता है । इसमें व्यक्ति पैसे कहीं भी इन्वेस्ट कर सकता है इसी तरह अलग अलग पैसे को इन्वेस्ट करना या मैनेज करना पर्सनल फाइनेंस कहलाता है ।

कारपोरेट फाइनेंस

कॉर्पोरेट फाइनेंस को निगम वित्त कहा जाता है । इसमें कम्पनी और ऑर्गनाइजेशन अपने तरीके से पैसे को मैनेज करती है । तो ये कारपोरेट फाइनेंस कहलाता है । कोई कम्पनी और ऑर्गनाइजेशन सबसे पहले अपनी फाइनेंशियल प्लानिंग बनाती है । पैसे का सही इस्तेमाल कर सर्विसेज बनाती है ।यही होता है कारपोरेट फाइनेंस ।

पब्लिक फाइनेंस

आपको बता दें कि पब्लिक फाइनेंस को लोक वित्त कहते है । इसमें सरकार को अपना शासन चलाने के लिए या फिर विकासशील कार्य करने के लिए सरकार को फंडिंग या इनवेस्मेंट की जरूरत होती है । इसलिए सरकार द्वारा टैक्स लिया जाता है । उसके बाद पब्लिक द्वारा प्राप्त रेवेन्यू को बजट के हिसाब से तैयार किया जाता है ।  उसी बजट से पब्लिक को सहूलियत दी जाती है इसे ही पब्लिक फाइनेंस कहते है ।
 

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