UP Election 2022: मोदी – योगी के गढ़ में विपक्ष कितना मजबूत है

 

उत्तर प्रदेश चुनाव : यूपी विधानसभा चुनाव के छठे चरण के लिए 10 जिलों की 57 सीटों पर मतदान जारी है छठा चरण इसलिए भी खास है क्योंकि उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ सहित 676 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला आज होगा। इस चरण में 2.15 करोड़ वोटर मतदान करेंगे । इस चरण मे कई बड़े नेता मैदान पर है योगी आदित्यनाथ, सतीश दिवेदी, सूर्य प्रताप शाही , नारद राय, अखिलेश  प्रताप,स्वामी प्रसाद मौर्य जैसे दिग्गज नेताओं का भविष्य वोटर के हाथों में है लेकिन सवाल यह है कि पहले तीन चरण के चुनाव पश्चिमी यूपी में हुए थे जहां समाजवादी पार्टी हावी थी वहां भाजपा को जितनी उम्मीद थी उतनी सफलता नहीं मिली । लेकिन चौथे चरण के बाद हालात बदलने शुरू हो गए और उत्तर प्रदेश की सत्ता की तस्वीर साफ होने लगी । लेकिन अब सिर्फ दो चरणों की वोटिंग होनी है इसके बाद उत्तर प्रदेश की जनता को उसका मुख्यमंत्री मिल जाएगा। जनता के क्या तय किया है यह तो 10 मार्च को ही पता चलेगा । आखिर यूपी की जनता इस बार बदलाव करने जा रही या फिर योगी आदित्यनाथ को एक और मौका देना चाहती है ।

पूर्वांचल में विपक्ष कैसे भेदेगा योगी आदित्यनाथ का किला

गोरखपुर की सदर सीट से  योगी आदित्यनाथ चुनाव लड़ रहे है मतलब इस सीट से उनका जितना लगभग तय है समाजवादी पार्टी ने भले ही अपना प्रत्याशी योगी आदित्यनाथ के सामने खड़ा किया हो लेकिन उनकी जीत शायद ही हो । लेकिन सपा मुखिया अखिलेश यादव ने एक रैली में कहा कि इस बार पूर्वांचल में भाजपा का सफाया होने जा रहा है पहले योगी आदित्यनाथ की सीट का सफाया होगा फिर अंतिम चरण या सातवें चरण में वाराणसी सीट पर सफाया होगा । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी से सांसद है लेकिन उनकी साख भी मौजूद है ऐसे में विपक्ष कहां खड़ा है जानकर मानते है कि पूर्वांचल में भाजपा के बाद अगर कोई विपक्षी पार्टी मजबूत है तो वह बसपा है समाजवादी पार्टी और कांग्रेस इतनी मजबूत नहीं है जौनपुर से बसपा जीतती रही है गाजीपुर भी बसपा का दबदबा बना करता था और मायावती की रैलियों में भीड़ देखकर तो लगा कि भाजपा के बाद बसपा ही बीजेपी को टक्कर देगी । साल 2017 में जब विधानसभा चुनाव हुए थे तो 57 सीटों में भाजपा ने 46 सीटें जीती थीं सपा के खाते में 3, बसपा 4, कांग्रेस 1 सीट जीत पाई थी । वहीं भाजपा से अलग होकर ओम प्रकाश राजभर की पार्टी सुहेलदेव समाज पार्टी ने एक सीट जीती थी । लेकिन इस बार ओम प्रकाश राजभर समाजवादी पार्टी के साथ है

मोदी – शाह फिर यूपी फतह करेंगे

इसमें कोई शक नहीं है भारत में उत्तर प्रदेश चुनाव सभी राज्यों से अलग होता है क्योंकि यह देश का सबसे बड़ा सूबा है और केंद्र में सत्ता का रास्ता इसी सूबे से निकलता है साथ ही भारतीय राजनीति की सभी पेचिदिगी  यूपी चुनाव में एक साथ दिखाई देती है 25 करोड़ आबादी वाला उत्तर प्रदेश कई विदेशी मुल्कों से बड़ा है  पिछले चुनावों में बीजेपी बिना किसी सीएस चेहरे के मैदान पर थी क्योंकि नरेंद्र मोदी नाम का एक बड़ा चेहरा सामने था और बीजेपी के कई दिग्गज मैदान पर थे विपक्ष में भले ही अखिलेश यादव को विरासत में मिली राजनीति का अनुभव था लेकिन उनके और जनता के बीच सामंजसय ठीक नहीं दिखा । बसपा और कांग्रेस भी कमजोर विकेट पर बिखर गए। बसपा और कांग्रेस के लिए इस चुनाव में भी वापसी कर पाना दूर की कौड़ी है जानकर मानते है कि असल लड़ाई तो बीजेपी और सपा के बीच है इस बार चुनावी मैदान पर बीजेपी के कई दिग्गज नेता प्रचार के लिए आए । इसमें कोई शक नहीं है पिछली बार की तरह मोदी और शाह की जोड़ी यूपी फतह करेगी।  

 

 

 

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