UP Elections 2022 : योगी के खिलाफ क्यों उतरे चंद्रशेखर आजाद?

Yogi Vs Chandrashekhar : सभी की नज़रें आगामी उत्तर प्रदेश चुनाव पर कायम है। सभी पार्टियां अपना उल्लू सीधा करने में लगी हुई हैं। सभी राजनेता जनता को रिझा कर अपने खेमे में करने के लिए ऐठी चोटी का ज़ोर लगा रहे हैं। मगर ऊंट किस करवट बैठेगा यह तो 10 मार्च को ही पता लगेगा।

भीम आर्मी प्रमुख ने योगी के खिलाफ मोर्चा खोला

भीम आर्मी प्रमुख और आजाद समाज पार्टी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद ने सीएम आदित्यनाथ के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरने की घोषणा कर हर किसी को चौंका दिया है। उनके इस निर्णय से राजनैतिक सुगबुगाहट पैदा हो गयी है। चंद्रशेखर आजाद राजनीति का उभरा हुआ चेहरा हैं। उनकी लोगों के बीच अच्छी खासी पकड़ भी है। मगर सवाल यह है कि क्या अपनी लोकप्रियता से वो योगी को हरा पायेंगे? क्या उनकी सेक्युलर राजनीति हिंदूत्व पर भारी पड़ेगी?

चंद्रशेखर ने योगी पर साधा निशाना

उत्तर प्रदेश की कुल 403 विधानसभा सीटों में चंद्रशेखर की आज़ाद समाज पार्टी 100 सीटों पर लड़ सकती है। चंद्रशेखर आज़ाद ने योगी के ख़िलाफ़ चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद उनपर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा – मेरी आज़ाद समाज पार्टी चाहती है कि मैं आदित्यनाथ को चुनौती दूँ और मैं इसके लिए तैयार हूँ। योगी आदित्यनाथ अपने ख़िलाफ़ लोगों को बोलने नहीं देते हैं। उनके शासन में नौकरी मांगने पर पुलिस युवाओं पर हमला करती है, दलित न्याय मांगते हैं तो उन्हें मार दिया जाता है। ऐसे में उन्हें वापस मंदिर भेजना ज़रूरी है।

अखिलेश के साथ बात नहीं जमी चंद्रशेखर की

चंद्रशेखर दो बार समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात कर चुके हैं। बातचीत शुरू जरूर हुई थी, लेकिन बाद में जम नहीं पाई। तब चंद्रशेखर ने अखिलेश पर आरोप लगाया था कि उन्हें दलितों के वोट तो चाहिए, लेकिन वे दलित नेता को स्वीकार नहीं करना चाहते हैं। दरअसल, अखिलेश भीम आर्मी को कम सीटें ऑफर कर रहे थे। इसके जवाब में अखिलेश ने कहा था कि उन्होंने चंद्रशेखर को 2 सीटें ऑफर की थीं। वे मान भी गए थे, लेकिन बाद में किसी का फोन आया और वे पलट गए।

अब आगामी विधानसभा चुनाव में देखना दिलचस्प होगा कि आखिलेश और चंद्रशेखर के बीच की खटपट भाजपा को फायदा पहुँचाती है या नुकसान।

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