Thought: बेकार के विचारों पर ध्यान क्यों देना

जीवन में बहुत बातें होती है बहुत से विचार आते है साथ ही हमारी बहुत सी समस्याएं ऐसी होती है जिन्हे हम खुद चुनते है लेकिन क्या इन सभी को स्वीकार करना जरूरी होता है शायद नहीं । क्योंकि कुछ बातें और विचार फालतू के होते है.

अगर हमने इनको सुलझाने की कोशिश की तो इससे हमारी ही ऊर्जा खर्च होगी और समय की बर्बादी वो अलग । इसलिए खुद को बेकार के विचारों से बचना चाहिए। हमारे मन में रोज सैकड़ों विचार आते है जिससे निपटने के लिए मन में उथल पुथल शुरू हो जाती है अजीब बेचैनी भी होने लगती है अंत में इसका नतीजा हमारे अनुसार नहीं निकलता । आज हम आपको बेकार की समस्याओं से बाहर निकलने के कुछ तरीके बताएंगे ।

बेवजह राय बनाने की कोशिश न करें

किसी व्यक्ति के लिए दूसरे के प्रति एक राय बना लेना कितना आसान समझा जाता है । यह जानते हुए कि हम उसके बारे में ज्यादा नहीं जानते। इससे आपका स्वभाव खराब हो सकता है आपकी ऊर्जा खर्च होती है आप पॉजिटिव नहीं सोच पाते । वास्तव में ऐसी आदत जीवन में नकारात्मकता पैदा कर देती है और धीरे धीरे हम परेशान होने लगते है। आप सामने वाले व्यक्ति के प्रति जैसी सोच रखेंगे सामने वाला भी आपके प्रति वैसी ही सोच रखेगा ।इसलिए जो जैसा है उसे उसी रूप में स्वीकार करना सीखें अच्छा यह रहेगा की अपने पर ज्यादा ध्यान दे।

कहानी बुनने का प्रयास करें

हकीकत तो यही है कि खुद के जीवन में आई समस्याओं का समाधान खुद ही करना पड़ता है दूसरा ना तो हमारी समस्या जानता है और ना ही समाधान कर सकता है आप चाहें तो लिखकर भी अपनी समस्या हल कर सकते है ।आपके पास जितनी भी परेशानी हो उनको एक एक कर पहले लिखें फिर एक एक का हल तलाशें । जवाब खुद ही पूरी ईमानदारी से मांगे । देखें कि समस्या कैसे हल हो रही है अगर नतीजा पॉजिटिव निकल रहा तो आपकी दिशा सही है अगर कुछ नकारात्मकता हावी हो रही है तो रुक जाएं और कहानी बुनने का प्रयास करें

जो आपको अच्छा लगे वहीं करें

जीवन में जो आपको अच्छा लगे वही करने का प्रयास करें याद रखें जो कर रहे है वह ठीक है कि नहीं हमारे भविष्य के लिए ।थोड़ा ठिठक कर सोचें की वो कौन कौन सी बातें है जो हमें अच्छी लगेंगी । समस्याएं जब भी आप पर हावी होने लगे तो उन पर सोचने की बजाएं दूसरे कामों पर लग जाएं ।धीरे धीरे आप देखेंगे कि समस्याएं गायब हो रही है। अपने घमंड को छोड़े। और आगे बढ़े ।

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