Gazal : पढ़िये युवा शायर आदर्श आहिल की दो खूबसूरत ग़ज़लें

1. पानी है मन

ना समझो तो पानी है मन.
वर्ना प्रेम कहानी है मन,

ना लालच है ना चाहत है.
यानी राजा रानी है मन,

बाहर से सादा है लेकिन.
अंदर से नूरानी है मन,

सबकी इज़्ज़त करते देखा.
पक्का हिंदुस्तानी है मन,

2. तेरी बातों में

तेरी बातों में शामिल हो ना पाया.
मैं अबतक इतना क़ाबिल हो ना पाया,

औरों तक पहुँचा कितनी आसानी से.
बस खुदको ही मैं हासिल हो ना पाया,

दुनिया ने पकड़ाया चाकू हाथों में.
लेकिन मन मेरा क़ातिल हो ना पाया,

उसके किस्से का वो किरदार बना हूँ.
जो जीते जी भी कामिल हो ना पाया!!

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