Bihar Economy : जानिये बिहार की आर्थिक रिपोर्ट के बारे में

पिछले कुछ सालों में बिहार की अर्थव्यवस्था ने तेजी से वृद्धि की है। बिहार की अर्थव्यवस्था लगातार बेहतर होना भारत की उज्जवल भविष्य की ओर सकारात्मक कदम है।

Economic Survey of Bihar

2018-19 में बिहार की अर्थव्यवस्था की बढ़ोतरी दर स्थिर मूल्य पर 10.3 फीसदी और वर्तमान मूल्य पर 15.01 फीसदी रही। सर्वेक्षण रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पिछले तीन वर्षों में संपूर्ण देश की अपेक्षा बिहार की अर्थव्यवस्था में तेज बढ़ोतरी दर्ज हुई है।

Increase in Per Capita Income

बिहार की अर्थव्यवस्था में सुधार आने से प्रति व्यक्ति की आय में उछाल देखने को मिला है। वर्ष 2019-20 में बिहार का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) 6 लाख 11 हजार 804 करोड़ रुपये रहा, जबकि प्रति व्यक्ति आय 50 हजार 735 रुपये रहा, जो वर्ष 2011-12 में 34 हजार 413 रुपये था।

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जीएसडीपी में कृषि क्षेत्र की हिस्सेदारी 18.7 फीसदी रही। बिहार में 2019-20 में 163 लाख 80 हजार टन खाद्यान्न उत्पादन का रिकॉर्ड दर्ज हुआ। पशुपालन का योगदान 6 फीसदी था, तो दूध का उत्पादन 104 लाख 83 हजार टन रहा। कृषि आधारित कारखानों की विकास दर 11.7 फीसदी रही जो राष्ट्रीय स्तर से 9.3 फीसदी अधिक है। 2019-20 के वित्तीय वर्ष में बिहार सरकार की कुल प्राप्ति 1 लाख 53 हजार 408 करोड़ रुपये रही, जो 2018-19 के मुकाबले 1 हजार 121 करोड़ रुपये अधिक है। इसके अलावा वर्ष 2018-19 में राज्य में ग्रामीण बेरोजगारी दर 9.8 फीसदी और शहरी बेरोजगारी दर 10.4 फीसदी दर्ज की गई है।

Per capita consumption of electricity in the state

राज्य में बिजली की प्रति व्यक्ति खपत 332 यूनिट हो गई है, जो वर्ष 2012-13 के दौरान 145 यूनिट थी। पीक टाइम में बिजली की मांग बिहार में 5900 मेगावाट हो गई है, जो 2012-13 में 2650 मेगावाट थी। 2019-20 में मांग की पूर्ति 5891 मेगावाट दर्ज की गई। बिहार में बिजली उत्पादन की क्षमता भी बढ़ी है, जो अब 6 हजार 73 मेगावाट हो चुकी है।

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