Saharsa Bihar : जानिए बिहार के सहरसा जिले के बारे में

ज़िले के रूप में सहरसा की स्थापना 1 अप्रैल 1954 को हुई थी। यह कोसी नदी के समीप पूर्व में बसा हुआ शहर है। पहले, सहरसा जिला मुंगेर और भागलपुर जिलों का हिस्सा था। यहाँ कन्दाहा में सूर्य मंदिर एवं प्रसिद्ध माँ तारा स्थान महिषी ग्राम में स्थित है। प्राचीन काल से यह स्थान आदि शंकराचार्य तथा यहाँ के प्रसिद्ध विद्वान मंडन मिश्र के बीच हुए शास्त्रार्थ के लिए भी विख्यात रहा है। द्वितीय पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री बिहार श्री बिन्देश्वरी प्रसाद मंडल का जन्मस्थल।

सहरसा के उत्तर में मधुबनी एवं सुपौल, दक्षिण में खगड़िया, पूर्व में मधेपुरा एवं पश्विम में दरभंगा और समस्तीपुर जिला स्थित है। जिले का कुल क्षेत्रफल 1,661.3 वर्ग कि०मी० है।
वर्ष 2020 में सहरसा की अनुमानित जनसंख्या 2,346,176 थी।

सहरसा आपदाओं से प्रभावित रहा है

नेपाल की ओर से आने वाली नदियों में प्रायः हर साल आने वाली बाढ और भूकंप जैसी भौगोलिक आपदाओं से प्रभावित होता रहा है। बाढ के दिनों में नाव दुर्घटना से प्रतिवर्ष दर्जनों लोग काल के गाल में समा जाते हैं। वर्ष 2008 में कोशी बाँध टूटने से उत्पन्न बाढ लाखों लोगों के लिए तबाही एवं मौत का पर्याय बन गयी। ज़िले की प्रमुख नदियाँ कोशी, धेमरा एवं कोशी की वितरिकाएँ हैं।

सहरसा जिले के शहीदों के बारे में जानिये

29 अगस्त 1942 को सहरसा के चांदनी चौक पर अंग्रेजों से लोहा लेते हुए धीरो राय, कालेश्वर मंडल, केदारनाथ तिवारी, हीराकांत झा, पुलकित कामत, भोला ठाकुर छह शहीद हो गए थे। इन शहीदों ने तिरंगा को हाथ से गिरने नहीं दिया।

यहाँ शिक्षा के लिये बहुत सारी निजी और सरकारी स्कूल और कॉलेज हैं :

  • केंद्रीय विद्यालय सहरसा
  • जवाहर नवोदय विद्यालय , बरियाही
  • राजकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय , सहरसा
  • राजकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय , सहरसा
  • बी एन एम होमियोपैथी महाविद्यालय एवं हॉस्पिटल ,सहरसा
  • मंडन भारती एग्रीकल्चर महाविद्यालय, अगवानपुर
  • लार्ड बुद्धा कोसी मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल, बैजनाथपुर
  • श्री नारायण मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल, सहरसा
  • ए एन एम एंड सदर अस्पताल, सहरसा

Leave a Comment