Sputnik V : स्पुतनिक वी के बारे में आपको यह बातें पता नहीं होंगी। जानिये स्पूतनिक-वी और स्पूतनिक लाइट में फर्क।

COVID-19 vaccine : रूस की स्पूतनिक वी (Sputnik V) वैक्सीन ने कोरोना महामारी के खिलाफ असरदार काम किया है। जब यह वैक्सीन नई नई आयी थी तब इसकी विश्वसनीयता पर लोगों को संदेह था। मगर इसके उत्साहजनक परिणाम को देख कर लोगों ने इस वैक्सीन को हाथों हाथ लिया।

स्पूतनिक वी से जुड़े तथ्य / Facts about Sputnik V

  • स्पूतनिक वी के निर्माता है डॉ रेड्डी (गामालेया संस्थान द्वारा विकसित) हैं।
  • इसकी प्रभावकारिता (एफीकेसी) 91.6 प्रतिशत है।
  • इस वैक्सीन की 2 खुराक (डोसेस) हैं।
  • खुराकों के बीच का अंतराल कम-से-कम 21 दिनों का होना चाहिए।
  • इस वैक्सीन के अबतक कुछ भी गंभीर दुष्प्रभाव नहीं देखे गये हैं।
  • स्पुतनिक वी वैक्सीन, कोविशील्ड और कोवैक्सीन के बाद भारत में बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान में इस्तेमाल होने वाला तीसरा टीका है।

स्पूतनिक-वी और स्पूतनिक लाइट में फर्क क्या है? What is the difference between Sputnik V and Sputnik LightLight?

स्पूतनिक-वी और स्पूतनिक लाइट में सबसे अहम फर्क डोज का है। स्पूतनिक-वी का टीका दो बार लेना पड़ता है जबकी स्पूतनिक लाइट का एक डोज ही काफी है। हालांकि, दोनों के असर की बात करें तो लैंसेट (Lancet) की एक स्टडी के मुताबिक कोविड-19 वायरस के खिलाफ स्पूतनिक लाइट के मुकाबले स्पूतनिक-वी का टीका ज्यादा कारगर है। दो डोज में दिया जाने वाले स्पूतनिक-वी में दो अलग-अलग वैक्टर का इस्तेमाल किया गया है।

कैसे काम करती है वैक्सीन? How does vaccines work?

वैक्सीन स्पाइक प्रोटीन बनाने के लिए SARS-CoV-2 के आनुवंशिक इंस्ट्रक्शन का इस्तेमाल करती है। यह इन्फॉर्मेशन को डबल-स्ट्रैंडेड डीएनए में स्टोर करता है। शोधकर्ताओं ने कोविड स्पाइक प्रोटीन के लिए जीन को दो एडिनोवायरस में जोड़ा, उन्हें प्रभावित कोशिकाओं पर अटैक करने के लिए विकसित किया। स्पूतनिक-वी, जॉनसन एंड जॉनसन की ओर से विकसित इबोला के लिए टीका बनाने की प्रक्रिया से प्रेरित है।  

डेल्टा वेरिएंट के खिलाफ 90 फीसदी तक प्रभावी स्पुतनिक वी / Sputnik V is 90% effective against Delta variants

स्पुतनिक वी के डेवलपर्स ने जून में दावा किया था कि अत्यधिक संक्रामक डेल्टा वेरिएंट के खिलाफ टीका लगभग 90 प्रतिशत प्रभावी है। आरआईए समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, मॉस्को के गामालेया इंस्टीट्यूट के उप निदेशक डेनिस लोगुनोव ने कहा था कि डेल्टा वेरिएंट पर आकंड़े मेडिल रिकॉर्ड्स के मुताबिक जुटाए गए थे। गामालेया इंस्टीट्यूट ने ही स्पूतनिक वी वैक्सीन को डेवलेप किया है।

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