Saryu Nahar Pariyojana: मोदी जाएंगे बलरामपुर, सरयू नहर परियोजना का करेंगे उद्घाटन

आगामी 2022 में उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने वाले है जिसको लेकर बीजेपी सरकार जनता के बीच हर वो योजना जनता के बीच पहुंचाना चाहती है जिससे चुनावी लाभ मिल सके । उधर प्रधानमंत्री नरेंद्र कल यूपी के दौरे पर रहेंगे जहां वो बलरामपुर में सरयू नहर परियोजना का उद्घाटन करेंगे ।

परियोजना क्या है, What is the project

यह परियोजना पूर्वांचल में बाढ और सूखे कि समस्या से निपटने में मददगार साबित हो सकती है सूबे के जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह कल पीएम मोदी के साथ उपस्थित रहेंगे । मंत्री महेंद्र सिंह ने बताया कि बहराइच, श्री वस्ती , एवम बलरामपुर से गोरखपुर तक जाने वाली 318 किलोमीटर लंबी सरयू योजना पूर्वांचल के लिए महत्वपूर्ण है साथ ही भगवान बुद्ध की तपोस्थलि और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई एवम भारतीय जनसंघ के दिवंगत नेता नाना जी देशमुख कर्म स्थली से पूरी दुनिया को कड़ा संदेश भी देंगे । अब आपको पीएम मोदी के कल के दौरे और इससे जुड़ी परियोजना की खासियत बताएंगे साथ ही जनता से होने वाले लाभ और क्यों अटकी पड़ी थी सरयू नहर परियोजना ।

लंबे अर्से से लंबित परियोजना आखिर कैसे पूरी हुई

सरयू नहर परियोजना पूर्वांचल की जनता के लिए कितनी महत्वपूर्ण है इसका अंदाजा मौजूदा सरकार ने लगाया । यह परियोजना क़रीब चार दशकों से अपने उद्दार का इंतजार कर रही थी तो वहीं पूर्वांचल के जिलों के किसान इस परियोजना का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे जिससे किसानो को सिंचाई में आसानी होगी । आपको याद दिला दे की साल 1982 में इस परियोजना की नींव रखी गई थी मगर तमाम सरकारों के डुलमुल रवैए के बीच इसे अंजाम तक नहीं पहुंचा सके । मगर अब 2021 में यह परियोजना पूरी तरह से अंतिम रूप ले चुकी है तो आइए जानते है इस परियोजना से जुड़ी कुछ खास बातें ।

बढ़ती लागत और किसानों की उम्मीद

इस परियोजना को लेकर लागत साल दर साल बढ़ती रही । पूर्वी यूपी के 9 जिले जैसे बहराइच, गोंडा, श्री वस्ती , महाराजगंज , संत कबीर नगर , बस्ती बलरामपुर और गोरखपुर के करीब 14 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई के लिए साथ ही किसानों की पानी की समस्या का समाधान करने के लिए वर्ष 1982 में इसकी शुरुआत हुई थी । अब समझिए लागत का गणित । पहले इस परियोजना की लागत 299 करोड़ थी । फिर साल 2010 में इसकी लागत बढ़कर 7,270 करोड़ हुई ।

फिर ठीक आठ साल बाद इस परियोजना की लागत 9805.68 करोड़ पहुंच गई । लब्बोलुआब अगर देखें तो इस परियोजना में अब तक जितने कार्य हुए है वो भी मीडिया रिपोर्ट की माने तो अब तक 15 लाख हेक्टेयर में से 6 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होने लगी है जिससे कुछ फीसदी किसानो को राहत मिली । मगर कल जब पीएम मोदी इसका उद्घाटन करेंगे तो पूरे 15 लाख हेक्टेयर की सिंचाई सम्भव होगी । इस परियोजना का कभी क़रीब 6227 गांवों को लाभ मिलेगा।

पीएम पूरा कर रहे अटल और कलाम का सपना

पीएम नरेंद्र मोदी जैसे ही कल सरयू नहर परियोजना का उद्घाटन करेंगे इसके साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई और पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम का नदियों का जोड़ने वाला सपना पूरा हो जाएगा । दोनों ने ही देश की प्रमुख नदियों को आपस में जोड़कर संचित दायरे बढ़ाने और व बाढ की त्रासिदी को पूरी तरह कम करने का सपना देखा था ।

डॉ एपीजे अब्दुल कलाम और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी

आपको बता दें कि इस परियोजना के तहत सूबे मे सरयू, घाघरा,राप्ती , बड़गंगा , और रोहणी को रोकने का काम किया है कलाम साहब कहते थे की सपने वो नहीं जो हम देखते है बल्कि सपने वो होते है जो हमें सोने नहीं देते । उसी तरह अटल बिहारी वाजपेई का सपना था कि उनके साशन काल में ही देश 37 प्रमुख नदियां जुड़ जाएं मगर कांग्रेस की सरकार ने इसको तवज्जो नहीं दी । मगर अब मोदी सरकार उनके सपने को साकार करने मे लगे हुए है।

उनका काम फीता काटना हमारा परियोजना पूरी करना मोदी ने अखिलेश पर कसा तंज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश के बलरामपुर पहुंचकर 43 साल से अटकी सरयू नहर परियोजना का उद्घाटन किया । साथ ही राष्ट्र को समर्पित करते हुए योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा की ।

मोदी ने कहा कि दशकों से अधूरी परियोजना पूरी हुई । पीएम ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला । अखिलेश यादव सिर्फ फीता काटना जानते है और हम परियोजना पूरी करना जानते है अब अपराधी जेल में दुबक रहे है अब उनके उपर बुलडोजर चल रहा है योगी सरकार में अपराधी सौ बार सोचता है अपराध करने से पहले । हमारी सरकार महिलाओं के लिए काम कर रही है यही कारण का है कि पीएम आवास योजना के तहत दिए जाने वाले घर महिलाओं के नाम है शौचालय बनाए गए ,बिजली कनेक्शन से लेकर रसोई गैस दी गई ।

दुख की बात 100 गुना बढ़ी लागत

पीएम मोदी ने बलरामपुर के मंच से बेहद ही दुखद अंदाज में कहा है कि देश के धन , समय और तमाम संसाधनों का दुरुपयोग होता है आज से 43 साल पहले जब इस परियोजना को शुरू किया गया था तो इसकी लागत 100 करोड़ थी । पर आज इसे पूरे होने में 10 हजार करोड़ हो गई।

ये व्यर्थ हुआ अब तक का समय और धन सब जनता का है यह सब पहले की सरकारों के कारण हुआ है । चाहे राज्य सरकारें हो या केंद्र की सरकार । अगर आपकी सोच ईमानदार हो तो काम दमदार होता है मोदी ने कहा इस परियोजना से किसानो के खेतों की प्यास बुझेगी । आगे कहा की अगर किसी प्यासे को पानी मिलता है तो पुण्य का काम है।

सीडीएस विपिन रावत को दी श्रद्धांजलि

पीएम मोदी सरयू नहर परियोजना का लोकार्पण करने पहुंचे तो उन्होंने सबसे पहले शहीद सीडीएस जनरल बिपिन रावत को श्रद्धांजलि दी । उनका निधन देश के किए बड़ी क्षति है उनके निधन पर हर देश भक्त दुखी है वीर योद्धा को नमन करता हूं । उनके बलिदान को देश नहीं भूलेगा ।

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