NIRVIK Scheme: निर्यातकों के लिए संजीवनी बूटी की तरह है निर्विक योजना

एक बिजनेस किस चीज पर तय करता है आयात और निर्यात पर और बिजनेमैन मैन क्या चाहिए होता है लाभ मगर स्वीकार तो हानि भी करना होता है मसलन दोनों ही चीजें । खैर ये तो हमने एक आम बात बताई जो बिजनेस से जुड़ी थी आगे भी बिजनेस से जुड़ी बात ही बताएंगे परेशान मत होइए । मगर उन बिजनेसमैन के लिए जो सिर्फ निर्यात करते है । वैसे तो सरकार हर वर्ग हर तबके के लिए योजना का पिटारा खोलती है इसी कड़ी में एक योजना जो निर्यातकों के लिए है निर्विक योजना हम आपको इस योजना से जुड़ी सभी बातें बताएंगे। इसके लाभ इसकी विशेषताएं । कैसे यह संजीवनी बूटी का काम करेगी ।

क्या है निर्विक योजना, What is NIRVIK Scheme

दरअसल सरकार का इस योजना का शुरू करने का मकसद निर्यातकों के लिए ऋण कि उपलब्धता और सामर्थ्य को आगे बढ़ाना है सरकार ने यह कदम उठाते हुए कहा था कि यह निर्णय भारतीय निर्यातक को प्रतिस्पर्धी और ईसीजेसी प्रतिक्रियाओं को निर्यातक के अनुकूल बनाने में पूरी मदद करेगा। इस योजना के तहत करों की प्रतिपूर्ति के साथ MSME निर्यातकों को लाभ देगी । थोड़ा और आसान भाषा में समझिए । जो लोग निर्यात का कार्य करते है उनके लिए यह योजना कुशल है यदि किसी निर्यातक कि बकाया राशि 80 करोड़ से कम की है तो सरकार उनको प्रधानमंत्री निर्विक योजना के तहत ECGC द्वारा 60 प्रतिशत तक की ऋण गारंटी देगी ।

विशेषताएं और लाभ, Benefits of NIRVIK Scheme

हमारे देश में बहुत लोग निर्यात पर काम करते है इसलिए उनको इसकी विशेषताएं और लाभ तो पता ही होने चाहिए ।
विशेषताएं

  • इस योजना के अंतर्गत मूलधन और ब्याज का 90 प्रतिशत तक का बीमा के तहत कवर किया जाएगा। साथ ही जो कवर बढ़ेगा उससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि निर्यातकों के लिए विदेशी और रूपये निर्यात ऋण की ब्याज दर 4 और 8 प्रतिशत के बीच हो ।
  • दूसरी बात यह कि जिन निर्यातकों के 80 करोड़ से कम सीमा वाले खातो के लिए प्रीमियम की दर 60 प्रतिशत हर साल और मध्यम रूप से 80 करोड़ रुपए से अधिक वाले निर्यातकों के लिए 0.72 % प्रति वर्ष होगी ।
  • याद रहे बीमा कवर के अंतर्गत प्री और पोस्ट शिपमेंट क्रेडिट दोनों शामिल होंगे ।
  • यह ईसीजीसी के अधिकारियों द्वारा बैंक के दस्तावेज और अभिलेखों के निरक्षण को वर्तमान के एक करोड़ के मुकाबले 10 करोड़ से अधिक के नुकसान के लिए अनिवार्य बनाएगा ।
  • बैंक इसीजीसी को मासिक मूलधन और ब्याज पर एक प्रीमियम का एक भुगतान जरूर करेंगे । क्योंकि दोनों बकाया कवर के लिए पेशकश कि जाएगी।

अब इसके कुछ लाभ समझ लीजिए

  • इस योजना के तहत निर्यातकों के लिए ऋण लेना अत्यन्त सुगम और लाभकारी हो जाएगा ।
  • इससे भारत में निर्यातकों की संख्या बढ़ेगी ।
  • बीमा कवर की सुविधा के कारण ऋण की लागत और नीचे आ जाएगी।
  • अगर आप निर्यातक के रूप में काम करते है तो आपको समय पर पर्याप्त पूंजी मिल जाएगी ।

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