क्या आपको हज सब्सिडी के बारे में मालूम है? | Haj Subsidy

प्रति वर्ष लाखों मुस्लिम सऊदी अरब हज यात्रा के लिए जाते हैं। मुस्लिम समुदाय के तीर्थस्थल मक्का और मदीना को बहुत पाक और पवित्र माना जाता है। इस्लाम में इन दोनों शहरों की खास अहमियत है। इसी तीर्थ यात्रा को हज यात्रा कहते हैं। यह यात्रा इस्लाम के पाँच स्तंभों में से एक है, साथ ही यह एक धार्मिक कर्तव्य है जिसे अपने जीवनकाल में हर मुस्लिम को कम से कम एक बार पूरा करना अनिवार्य होता है, चाहे वो स्त्री हो या पुरुष। इस यात्रा को करने के लिए शारीरिक और आर्थिक रूप से सक्षम होना भी जरूरी है। हज यात्रा के लिए भारतीय सरकार कुछ सब्सिडी दिया करती थी लेकिन अब इसको समाप्त कर दिया गया है। इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि आखिर ये हज सब्सिडी है क्या।

लेकिन ये हज सब्सिडी क्या है?
भारतीय मुसलामानों को हर साल केंद्र सरकार द्वारा हज यात्रा करने के लिए सब्सिडी दी जाती थी। जिसके तहत फ्लाइट में जाने वाले हज यात्रियों को सरकार किराए में छूट दिया करती थी। तीर्थ यात्री भारतीय हज कमिटी में आवेदक करते थे और यह रियायती किराया कमेटी के द्वारा ही दिया जाता थी। केंद्र सरकार यह सब्सिडी एयर इंडिया को देती थी। मगर अब केंद्र सरकार ने हज यात्रा पर दी जाने वाली सब्सिडी को खत्म कर दिया है और इस पैसे को मुस्लिम लड़कियों की शिक्षा पर खर्च करने का फैसला लिया है। सरकार ने 45 साल से ज्यादा उम्र की महिलाओं को बिना पुरुष अभिभावक के कम से कम चार लोगों के समूह में हज यात्रा करने की इजाजत भी दी है।

गौरतलब है कि हज यात्रियों को मिलने वाली सब्सिडी का सबसे बड़ा हिस्सा हवाई यात्रा पर खर्च किया जाता है। भारत सरकार का सिविल एविएशन मंत्रालय हज कमेटी ऑफ इंडिया के जरिए ये सब्सिडी मुहैया कराता है। ये पैसा हज यात्रियों के बजाय एयर इंडिया को सीधे दिया जाता है।

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