क्यों है आपको अपने अतीत से नाराज़गी

 

सुख, जीवन की एक ऐसी कुंजी है जिससे हम अपने अतीत में की गई तमाम गलतियां भुला देते है इसलिए खुश रहने की कोशिश करते रहिए । आपका अतीत कैसा रहा है उस गुजरे हुए कल में अगर आप फंसे रहेंगे तो तनाव तो बना रहेगा साथ ही आने वाले कल पर भी बुरा असर पड़ेगा  
अगर आप खुद को अपने अतीत की गलतियों से बाहर नहीं निकाल पा रहे है । यह बात सही है कि अपनी कमियों को कोई स्वीकार नहीं करता । अगर ये दोनों बातें नहीं आपको परेशान कर रही है तो आप अभी भी पुराने समय में की गई गलतियों से बाहर नहीं निकल पा रहे है साथ ही अपने सुनहरे भविष्य को दांव पर लगा रहे है हम आपको बताने की कोशिश करेंगे कि अपने अतीत पर काबू कैसे पाएं और जीवन में आगे कैसे बढे । सुख और शांति ही एक तरीका है भविष्य को संवारने का या कोई अन्य विकल्प भी है आइए समझते है ।

गलतियों को शान से स्वीकार करें

कई बार देखा गया है कि अपने जीवन में कभी न कभी किसी न हिस्से पर आपने गलतियां की होगी और कई चीजें नापसंद भी की होंगी । इसलिए नाराज होना या अपने द्वारा कि गई गलतियों में शर्मिंदा रहने का कोई कारण नहीं है सबसे पहले गलतियों को स्वीकार करिए । क्योंकि जीवन में गलतियां सबसे होती है क्योंकि हम परफेक्ट नहीं है सभी चीजें सही नहीं कर सकते है अपने अतीत को भुलाने के लिए अगर गलती स्वीकार करनी पड़े तो बिना शर्मिंदा हुए कर लीजिए। इससे मन हल्का होगा साथ ही कोई बोझ नहीं रहेगा। अतीत को स्वीकार करना असफलता की निशानी बिल्कुल नहीं है बल्कि आपको जीवन के उतार चढ़ाव सीखा देती है

आत्म प्रेम का अभ्यास करते रहें

सबसे पहले आप आत्म प्रेम को स्वीकार करना सीखें । वो सभी खामियां जो आपके अंदर है बारीक से एक एक गलतियों को नोटिस करें फिर खुद से प्यार करना भी सीखे । अगर आपने अपनी आत्मा से प्यार करना सीख गए तो जीवन में उज्जवल पक्ष को देखना आपके लिए आसान हो जाता है भगवान सबको एक जैसा नहीं बनाता । दुनिया में सब अलग होते है उनकी प्रतिभा अलग होती है इसलिए जल्द से जल्द कोशिश करें की आप कौन है क्या कर सकते है अपनी आत्मा से पूछे । उसको विश्वास दिलाए और सराहना करें । साथ ही अपने को महत्व देना सीखे । हर दिन खुद को मजबूत बनाने की कोशिश करें आप देखेंगे कि आप सबसे अलग है

अंदर की शांति को पहचाने

जब भी आप अपने आपको एक चुनौतीपूर्ण स्थित पर पाएं तो अपने अंदर शांति और संतुलन को खोजने का प्रयास करें ।साथ ही अपने मन और शरीर को आराम देने के लिए गहरी सांस लें आप देखेंगे कि तनाव आपके अंदर कहीं नहीं नजर आएगा। शांति का आभास होने लगेगा। फिर आराम से वर्तमान स्थित और सामने आने वाली चुनौती को देखें जो आपको परेशान कर सकती है इससे निपटने के लिए मार्गदर्शक के बनाएं । अब आप एक एक चुनौती को स्वीकार करें और उसे हल करने के लिए सोचें ।आप जितना आराम और धैर्य से चुनौती स्वीकार करेंगे उतने ही आराम से आप उसे हल करने में सफलता पाएंगे ।जल्दबाजी और हड़बड़ी में निस्तारण मत करिए नहीं तो आपकी चुनौती और बढ़ती जाएगी। 

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