WHAT IS MATERNITY LEAVE : क्या होता है मातृत्व अवकाश , क्या है इसमें कानूनी नियम

 

मैटरनिटी लीव : देश में पुरुषों के बराबर महिलाओं को हक मिल रहा है कई ऐसी फिल्ड है जहां महिलाएं कंधे से कंधा मिलाकर चलती है । दूसरी बात यह है कि हर महिला का मां बनने का ख्वाब देखती है और क्यों न हो उसके जीवन का सबसे अच्छा पल माना जाता है । आपको बता दें कि जब कोई कर्मचारी महिला मां बनती है तो उसे छुट्टी मिलने का अधिकार है वो भी कानूनी तौर है आज हम आपको इसी से जुड़ी बात इस आर्टिकल में बताएंगे ।

मातृत्व अवकाश क्या होता है

किसी भी कर्मचारी गर्भवती महिला को मिलने वाली छुट्टी को मातृत्व अवकाश कहते है। यह अवकाश लेना महिलाओ का कानूनी हक है इसके लिए कोई भी सरकारी या प्राईवेट कम्पनी गर्भवती महिला कर्मचारी को छुट्टी देने से मना नहीं कर सकती है । देश और विदेश में इसके लिए अलग अलग नियम है विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO इस नियम का समर्थन करता है । अगर किसी कम्पनी गर्भवती महिला को अवकाश नहीं दिया तो उस पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। क्योंकि गर्भवती महिला को इस समय कई समस्याओं से गुजरना पड़ता है जिसके कारण उससे काम करवाना गलत होता है। उसे ऐसी स्थित में आराम की सख्त जरूरत होती है । मैटरनिटी लीव सभी महिलाओं के लिए रखा गया है ये उनका हक होता है ।

कानूनी तौर पर महिला कितनी छुट्टी ले सकती है

जैसा कि हमने पहले बताया कि हर देश के अपने अपने नियम है भारत साल 2017 मे मातृत्व संशोधन अधिनियम के तहत गर्भवती महिला को 26 सप्ताह के लिए अवकाश दिया जाता है यह प्रसव की अनुमति तिथि से आठ सप्ताह पहले से शुरू है सकती है। महिला अपने पहले दो बच्चे के लिए मातृत्व अवकाश ले सकती है अगर तीसरा बच्चा होने को है तो सिर्फ 12 सप्ताह के अवकाश के हकदार है । अगर आप 10 या इससे ज्यादा वाली कम्पनी मे कार्यरत है तो इसके हकदार है आपको बता दें कि इसमें सरोगेसी मां भी शामिल है ।

क्या मातृत्व अवकाश में अवकाश मिलता है ।

वर्ष 1961 के मातृत्व लाभ अधिनियम के तहत अगर आप 12 से 26 सप्ताह के लिए मातृत्व अवकाश लिया है तो आपको वेतन मिलेगा । वेतन की गणना तीन महीने की अवधि के दौरान आपके औसत दैनिक वेतन के आधार पर की जाती है । यह तीन महीने आपको छुट्टी के शुरुआत से एकदम पहले वाले होते है । तब आप इस वेतन का दावा कर सकती है । आपने कम्पनी मे 12 महीनों में कम से कम 80 दिन काम किया हो । गर्भपात पर छह सप्ताह की छुट्टी के वेतन के हकदार है।

क्या कम्पनी गर्भवती महिला को नौकरी से हटा सकती है।

बिल्कुल नहीं । किसी भी महिला कर्मचारी को सिर्फ गर्भवती होने की वजह से कम्पनी नहीं निकाल सकती । ऐसा करना अपराध माना जाएगा । और कम्पनी पर कानूनी तौर पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है । कई ऐसी भी कम्पनी है जो बिना भेदभाव के गर्भवती महिला के लिए  कई पॉलिसी बनाई है। कम्पनी मैटरनिटी इंश्योरेंस भी देती है । 60 दिन तक अस्पताल में रहने का खर्च भी वहन करती है ।

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