WHAT IS OUTSOURCING : क्या होता है आउटसोर्सिंग , जानिए इसके फायदे और नुकसान

 

क्या होता है आउट सोर्सिंग

दोस्तों जैसा की आपने नाम से समझ लिया होगा कि आउट सोर्सिंग जा मतलब किसी बाहरी चीज से है । यह कोई बाहरी विक्रेता, निर्माता, या फिर आपूर्तिकर्ता है सकता है बाहरी उत्पादों की खरीद को लेकर इसे परिभाषित किया जा सकता है । आउसोर्सिंग एक रणनीतिक दृष्टिकोण है परियोजना प्रबन्धन को अधिक सामरिक दृष्टिकोण बनाता है । आउसोर्सिंग अधिक बजट और लचीलापन होता है । आउसोर्सिंग संगठनों को केवल उन्हीं सेवाओं को भुगतान करने देती है जिन्हे उनकी जरूरत होती है । यह विशेष कर्मचारियों को काम पर रखने और प्रशिक्षित करने की आवश्यकता को भी कम करता है नई इंजीनियरिंग लाता है और पूंजी , परिचालन का व्यय कम करता है ।

फूल इन सोर्सिंग क्या है

इस दृष्टिकोण मे सभी उत्पादों और सेवाओं को आतंरिक रूप से बनाए रखा जाएगा । इसमें प्रोजेक्ट टीम प्रोजेक्ट की सभी प्रतिक्रियाओं और कार्य क्षेत्र के लिए जिम्मेदार है । इसमें चयन प्रक्रिया भी होती है । यह दृष्टिकोण चुनने के लिए अधिक लचीलापन प्रदान करता है । कौन सी परियोजना डिलीवर बेस को आउट सोर्स किया जाना चाहिए । इसका उद्देश्य लचीलापन और गुणवत्ता को बढ़ावा देना है ।

पूर्ण आउटसोर्सिंग क्या है

इस दृष्टिकोण का पालन तब किया जाता है यदि संगठन या परियोजना बाहरी स्ट्रिटसे सभी उत्पाद या सेवा प्राप्त करती है । आउटोर्सिंग गतिविधियों को आउट सोर्स नहीं किया जाना चाहिए , गलत विक्रेता के चयन से बचना चाहिए । व्यक्तिगत मुद्दों की अनदेखी करनी चाहिए ।

क्या है आउटसोर्सिंग के लाभ

* आउटसोर्सिंग मे किसी भी संगठन द्वारा किए गए कार्य में तेजी और विशेषता होनी चाहिए

* सहायक प्रक्रिया की बजाय मुख्य प्रक्रिया में ध्यान देना चाहिए 
* किसी अभियान के परिणाम को निर्धारित करने वाले महत्वपूर्ण करको मे से एक जोखिम विश्लेषण हो सकता है 
* कम परिचालन और भर्ती लागत ठीक होनी चाहिए 
* इसमें गोपनीय डेटा के उजागर का जोखिम बना रहता है ।

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