WHAT IS OVERTIME : क्या होता है ओवर टाइम , भारत में इसे लेकर क्या है नियम जानिए पूरी जानकारी

 

ओवर टाइम : दोस्तों नौकरी करना इतना आसान नहीं होता है । और फिर अगर परिवार की अधिक जिम्मेदारी हो तो नौकरी करने के लिए मजबूर होना ही पड़ता है फिर चाहे सरकारी नौकरी हो प्राइवेट नौकरी हो, किसी फैक्ट्री , कारखाने की नौकरी हो आदमी बहुत थक जाता है। सरकारी नौकरी में तो आराम मिल जाता है और पैसे भी समय से मिल जाते है लेकिन अन्य नौकरी में घर चलाने के लिए कम्पनी में ओवर टाइम काम करना पड़ता है आखिर यह ओवर टाइम होता क्या है आपको इस आर्टिकल के जरिए बताने को पूरी कोशिश करेंगे।

क्या होता है ओवर टाइम

सामान्य तौर पर ओवर टाइम उसे कहते है जिसके लिए एक कर्मचारी अपने निर्धारित समय से अधिक काम करता है । और उस अधिक समय के लिए उसे उसके लिए अलग से पैसे मिलते है या फिर वही पैसा वेतन के साथ मिलकर आ जाता है । भारत में ओवर टाइम को लेकर अलग नियम और नीतियों के तहत एक कर्मचारी प्रतिदिन 8 से 9 घंटे काम करने का अधीन होता है इसका मतलब यह हुआ कि एक सप्ताह में 48 से 50 घंटे होते है । ओवर टाइम करने के लिए एक कर्मचारी को इसलिए जरूरत पड़ती है क्योंकि उसे पारिवारिक दबाव मतलब अधिक खर्च , या फिर कम्पनी से एडवांस पैसे लिए होते है जिसे बराबर करने के लिए वह ओवर टाइम करने के लिए प्रतिबद्ध है। ओवर टाइम वाले कर्मचारी के मेहनत देख कम्पनी का मालिक उससे खुश होकर समय और जरूरत पड़ने पर उसे उधार पैसे दे देता है ।

भारत में ओवर टाइम को लेकर क्या है नियम

भारत में ओवर टाइम को लेकर कई नियम और प्रतिक्रियाएं है। जो श्रम कानून के तहत अलग अलग घंटो के काम को निर्धारित करती है । नियमों के मुताबिक भारत में सरकारी और प्राइवेट कम्पनी या फिर फैक्ट्री कारखाने में 9 घंटे से अधिक काम करने की अनुमति नहीं है।  एक दिन में सिर्फ 9 घंटे ही काम किया जा सकता है । एक सप्ताह में 48 से 50 घंटे बन जाते है। भारत में रोजगार कानून कहता है कि अगर कोई भी कम्पनी निर्धारित समय से अधिक घंटे काम करवाती है तो यह कानूनन अपराध है इसे श्रमिक को पीड़ित माना जाता है । ओवर टाइम में प्रति घंटे की दर से कम्पनी को पैसे देने होते है ।

कितना समय को माना जाता है ओवर टाइम

कर्मचारियों को यह समझना होगा कि ओवर टाइम के नियम क्या है। अगर आप अपनी शिफ्ट से 15 से 20 मिनट अधिक काम करेंगे तो उसे 30 मिनट गिनकर तो उसे ओवर टाइम मे शामिल करने का प्रावधान है । अगर आने वाले समय में सरकार की तरफ से लेबर कोड मे अगर ऐसे प्रावधान आते है तो मौजूदा नियमों  में 30 मिनट तक के काम को ओवर टाइम नहीं गिना जाएगा।  आपकी सैलरी के हिसाब से 30 मिनट यानी आधे घंटे की सैलरी की गणना की जाएगा। इतना ही नहीं पांच घंटे बाद आधे घंटे का ब्रेक लेने का प्रावधान है । इससे कम्पनी कर्मचारियों को प्रताड़ित नहीं कर पाएगी। उनका हक है ऐसा करना ।

 

Leave a Comment