ISO FULL FORM : क्या है ISO का फुल फॉर्म , यहां जानिए फायदे और नुकसान

 

आईएसओ : दोस्तों वैसे तो हिंदी में आईएसओ का मतलब अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण संगठन होता है लेकिन हो सकता है आपमें से बहुत लोगों ने यह नाम पहली बार सुना हो। हम अपने आर्टिकल में आपको कई तरह के फुल फॉर्म और उनसे  जुड़ी बातें ,साथ में उनकी विशेषताएं बताते रहते है इसलिए आज आपको हम अपने इस नए आर्टिकल मे ISO का पूरा नाम बताएंगे साथ ही iso क्या है इसके फायदे क्या है पूरी जानकारी आपकी देंगे ।

क्या है ISO

आईएसओ एक अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण संगठन है यह कम्पनी और संस्था की जांच करती है जैसे प्रोडक्ट , गुणवत्ता, क्वालिटी,ग्राहक , समाधान , शुद्धता साथ में मैनेजमेंट सिस्टम आदि । आईएसओ इन सभी की जांच के बाद प्रमाणित करता है की यह कम्पनी या संस्था सही तरीके से चल रही है या नहीं। अगर जांच में ठीक पाई जाती है तो कम्पनी और संस्था को ISO प्रमाण पत्र दिया जाता है । आईएसओ एक क्वालिटी मैनेजमेंट सिस्टम का वर्ग है जो 1987 में ISO ने जारी किया था।

क्या है ISO का पूरा नाम

अभी तक आपने यह समझ लिया कि आखिर आईएसओ क्या होता है । अब आपको असल बात बताते है कि ISO का फुल फॉर्म क्या है दरअसल ISO का पूरा नाम International Organization for Standardization है इसका हिंदी में मतलब अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण संगठन है । आपको बता दें कि इसकी स्थापना 23 फरवरी 1947 को जेनेवा मे हुई थी इसका मुख्यालय स्विटजरलैंड में है ।यह है स्वतंत्र संगठन है जो कम्पनी और व्यवसाय द्वारा निर्माण किए गए उत्पाद,की गुणवत्ता , सेवा, सुरक्षा और उसकी दक्षता की जांच करती है वैसे ISO प्रमाणीकरण अपने व्यापार की विश्वसनीयता के साथ व्यापार में सुधार के लिए मदद करता है ISO यह भी मानकीकृत करता है कि संस्था और उद्योग में शामिल तमाम व्यवसाय और संगठनों को सूचना और प्रक्रियाओं में प्रबन्धन कैसे किया जाता है । लेकिन इनके लिए आईएसओ अपना नियम लागू नहीं करता ।

आईएसओ के फायदे

* यह एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त क्वालिटी स्टैंडर्ड सर्टिफिकेट है 
* कारोबार मे बढ़ते कंपटीशन के साथ यह क्रम बाजार में बनाए रखने के लिए साथ ही उत्पादन और सेवाओं के लिए
उच्च गुणवत्ता प्रदान करने के लिए  महत्वपूर्ण है 
* आप पैसे और समय दोनों को बचा सकते है 
* इसमें कम लागत में उत्पादकता बढ जाती है ।
* यह अपने व्यवसाय और उद्योग में आने वाले अवरोध को कम करता है 
* इससे सेवाओं और बाजार में विश्वसनीयता बढ़ती है 
* व्यापार में शुद्धता और बढ़ोत्तरी होती है 
* कार्यस्थल में सुधार के साथ कर्मचारियों में उत्साह रहता है ।
 

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