WHAT IS CYBER SECURITY : साइबर सिक्योरिटी क्या है , कैसे करता है यह आप पर हमला पूरी जानकारी

 

साइबर सिक्योरिटी : तकनीक की दुनिया में हम भले ही आगे बढ़ रहे है और तकनीक ने हमें आसान रास्ते दिखाए हो लेकिन उससे कहीं ज्यादा समस्या भी खड़ी की है आज समूचे विश्व में साइबर अपराध इतना बढ गया है कि छोटी बड़ी कम्पनी तो इसकी गिरफ्त में आ रही है साथ ही आम लोग भी साइबर ठगी की गिरफ्त में आ रहे है यह चिंता की बात है आज हम इसी से जुड़े मुद्दे पर बताएंगे की साइबर सिक्योरिटी क्या है यह क्यों जरूरी है

क्या है साइबर सिक्योरिटी

साइबर सिक्योरिटी का अभिप्राय एक तरह की इंटरनेट सिक्योरिटी से है यह आपको मैलवेयर, ब्लैक हैट हैकर्स जैसे साइबर हमलों से बचाती है अगर आप इंटरनेट का उपयोग बैंकिंग से जुड़ी सेवाओं को अंजाम देने के लिए करते है तो फिर आपको अपनी डिवाइस में साइबर सिक्योरिटी का ध्यान रखते हुए। एंटीवायरस जरूर इस्तेमाल करना चाहिए । आपको एक अच्छा एंटीवायरस मैलवेयर और डेटा सिक्योरिटी के बीच के खतरे से बचाने के लिए काम करता है जब भी आप बिना आधिकारिक रूप से दर्ज वेबसाइट मे विजिट करते है तो एंटीवायरस आपको पहले ही किसी खतरे को देखते हुए आगाह कर देता है ।

साइबर अपराधी कैसे करते है हमला

साइबर अपराधी जब भी किसी को साइबर के जरिए ठगते है तो वो फिशिंग लिंक्स का सहारा लेते है ।फिशिंग लिंक्स को लुभावने ऑफर , कई तरह ने इनाम, लॉटरी टिकट आदि जीतने के लिए व्यक्ति के मोबाइल में मैसेज भेजते है । ऐसे में कई व्यक्ति लालच में आकर व्यक्ति अपनी बैंक डिटेल उस लिंक से कनेक्ट कर देता है इसके बाद महज चंद सेकेंड में व्यक्ति की वर्षो की जमा पूंजी साइबर ठगो के पास चली जाती है । इस तरह एक बिना जानकारी वाला व्यक्ति से साइबर अपराध का शिकार हो जाता है । ये साइबर ठग हमेशा बड़े बड़े बैंक बैलेंस वाले व्यक्ति की डिटेल मे घात लगाए बैठे रहते है । इसलिए आप बिना वजह किसी भी अनवाश्यक लिंक पर टैप न करें और किसी को बैंक से जुड़ी जानकारी मत दें ।

विशिंग फोन कॉल अटैक क्या है

वीशिंग फोन कॉल मतलब ऐसे अपराधी जो ठगी करने के लिए फोन कॉल का इस्तेमाल करते है। वो एक नहीं कई व्यक्तियों को टारगेट करते है फिर फोन कर उन्हे लॉटरी से जुड़ी लालच देते है पैसा ट्रांसफर के लिए आपसे बैंक डिटेल मांगते है। फिर व्यक्ति अपनी बैंक डिटेल को साइबर अपराधी से साझा कर देता है । ठगो द्वारा भेजे गए लिंक पर व्यक्ति क्लिक करके U P I पिन दर्ज करता है फिर कुछ सेकेंड में व्यक्ति का पैसा अपराधी के पास चला जाता है। इसलिए यह बात ध्यान रखे कि बैंक आपसे कभी भी एटीएम नंबर , सीवीसी ,ओटीपी, आदि की मांग कभी नहीं करता है। 

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