Covid 19 – भारत बायोटेक की Covaxin को WHO ने दी मंजूरी, भारत में कोरोना वायरस की तीसरी लहर कब आएगी?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) ने लंबे इंतजार के बाद भारत बायोटेक (Bharat Biotech) की कोवैक्सिन (Covaxin) को आपातकालीन इस्तेमाल के लिए हरी झंडी दे दी है।कोवैक्सीन की मंजूरी को लेकर डब्लूएचओ के लेटलतीफ रवैये पर भारत कई बार सवाल उठा चुका था। जिसपर डब्लूएचओ ने दलील देते हुए कहा था कि वैक्सीन के इस्तेमाल की मंजूरी देने के फैसले के लिए उसका पूरी तरह से मूल्यांकन अनिवार्य होता है। ऐसे में इस प्रक्रिया में लंबा समय लग सकता है।

मंजूरी पर डब्ल्यूएचओ ने क्या कहा?

कोवाक्सिन को मंजूरी देने वाले डब्ल्यूएचओ के तकनीकी सलाहकार समूह में दुनियाभर को कई नियामक विशेषज्ञ शामिल रहे। उनकी तरफ से समीक्षा के बाद कहा गया कि कोवाक्सिन कोरोनावायरस से बचाव करने में डब्ल्यूएचओ के मानकों पर बिलकुल खरी उतरती है और इससे होने वाले छोटे-मोटे जोखिमों पर इसके लाभ काफी भारी पड़ते हैं। इसलिए यह वैक्सीन पूरे विश्वभर में प्रयोग की जा सकती है।

केंद्रिय स्वास्थ्य मंत्री ने दी बधाई

इस मौके पर केंद्रिय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से बधाई दी। उन्होंने टवीट किया – ”विश्व स्वास्थ्य संगठन ने आज भारत निर्मित कोरोना वैक्सीन कोवाक्सीन के आपातकालीन इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है। इस मौके पर मैं आईसीएमआर और भारत बायोटेक के वैज्ञानिकों को बधाई देता हूं”।

डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस ने भी किया ट्वीट

कोवाक्सीन को मान्यता मिलने के मौके पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम ने भी खुशी जताई है। उन्होंने कहा- ”डब्ल्यूएचओ द्वारा एक और कोरोना वैक्सीन को आपातकालीन उपयोग के लिए मंजूरी मिलने पर खुशी हुई। जितनी अधिक वैक्सीन होगी, हम उतने अच्छे ढंग से कोरोना से लड़ पाएंगे”। 

कोरोना वायरस की तीसरी लहर कब आएगी?

भारत ने हाल ही में 100 करोड़ वैक्सीनेशन का रिकॉर्ड बनाकर दुनिया भर से बधाई बटोरी है। वैक्सीनेशन ही एक कारगार विकल्प है कोरोना को नियंत्रित करने के लिए। विज्ञानिकों का कहना है कि भारत में तीसरी लहर अगले साल आ सकती है। लेकिन टीकाकरण अभियान कोरोना को रोकने में काफी मदद करेगा, क्योंकि टीका लगवा चुके और कोरोना से ठीक हुए लोग एक विशेष प्रोटेक्टिव ग्रुप में सुरक्षित रहेंगे। पहले और दूसरे लहर को देखते हुए तीसरे लहर में भी बच्चे सुरक्षित होंगे। अगर सरकार समय पर उचित कदम उठाती है तो कोरोना की तीसरी लहर घातक नहीं होगी।

Leave a Comment