Foreign Policy : यूक्रेन के लिए अमेरिका रूस से लडने को तैयार

दुनिया में जब भी किसी दो देशों के बीच जंग होती है तो उसके पीछे कोई न कोई मकसद होता है वो मकसद जमीन विवाद हो सकता है खुफिया एजेंसी से जुड़ा हो सकता है या फिर जासूसी से सम्बन्धित से भी हो सकता है, लेकिन अगर उन दोनों देशों के बीच किसी तीसरे देश की एंट्री होती है तो उसकी एंट्री का भी मकसद होता है आखिर वह क्यों आया ।

कुछ ऐसा हो भी रहा है पिछले कुछ समय से रूस और यूक्रेन के बीच विवाद चल रहा है और दोनों देशों के बीच तनातनी लगातार बढ़ रही है पश्चमी देशों और रूस के बीच फंसे यूक्रेन को नाटो देशों का समर्थन हासिल है दरअसल रूस ने अपनी दादागिरी दिखाते हुए यूक्रेन की सीमा पर हफ्ते भर से सैन्य जमावड़ा खड़ा कर दिया है उधर रूस ने भी दावा की किया है कि यूक्रेन ने भी रूसी अलगाववादी को तैनात कर रखा है लब्बोलुआब माना तो यही जा रहा है कि यूक्रेन और रूस के बीच बढ़ता तनाव शीत युद्ध के बाद यूरोप में सुरक्षा को लेकर एक बड़ा खतरा हो सकता है तो आइए जानते है इन दोनों देशों के विवाद की कुछ बाते और अमेरिका की दखल का मकसद भी

यूक्रेन क्यों खास है रूस के लिए (Ukraine-Russia Conflict)

जब सोवियत संघ नहीं टूटा था तब अतीत में सोवियत संघ का हिस्सा होने की वजह से युक्रेन के रूस के साथ बहुत गहरे सम्बन्ध थे । मतलब सांस्कृतिक , आर्थिक , और राजनीतिक सम्बन्ध है एक महत्वपूर्ण बात । यूक्रेन की राजधानी कीव को रूसी शहर की मां भी कहा जाता है जब सोवियत संघ का विघटन हुआ तो कई रूसी नेता इतिहास की एक बड़ी ग़लती भी मानते है अब विवाद समझते है 1991 में विघटन के बाद युक्रेन को स्वतंत्रता मिली । यूक्रेन यूरोप का दूसरा बड़ा देश बना । यूक्रेन के एक तरफ बेहद उपजाऊ मैदानी इलाका है तो दूसरी तरफ बड़े उद्योग है युक्रेन अपने पड़ोसी पोलैंड से काफी नजदीक है साल 2014 में रूसी समर्थक वाले युक्रेन के राष्ट्रपति विक्टर यानिकोविच के खिलाफ युक्रेन मे विद्रोह होने लगा और रूस ने इसका फायदा उठाया तभी रूस ने युक्रेन के क्रीमिया हिस्से पास कब्जा जमा लिया विवाद यही से शुरू हुआ । उधर युक्रेन के रक्षा मंत्री आलेक्सी रजनिकेव ने कहा है कि रूस जनवरी के अंत तक हमला कर सकता है अगर रूस हमला करता है तो हम संघर्ष के लिए तैयार है

अमेरिका की एंट्री और मकसद (Why is Ukraine Important to the United States)

अमेरिका एक सुपर पॉवर होने के बाते इस पूरी घटना पर नजर बनाए हुए है साथ ही वह नाटो का भी सदस्य है अमेरिका सेना के एक सेना अधिकारी जनरल मार्क मिले ने कहा हालात काफी गंभीर है रूस काफी सख्त है लेकिन अधिकारी ने यह नहीं बताया कि अगर रूस युक्रेन पर हमला करता है तो अमेरिका का रवैया क्या होगा । लेकिन रक्षा जानकर मानते है कि अमेरिका चुप नहीं बैठेगा जवाब जरूर देगा ।

क्योंकि जर्मनी ने रूस को चेताया है कि वह युक्रेन से दूर रहे । क्योंकि जर्मनी भी नाटो का हिस्सा है और नाटो के किसी सदस्य को हानि पहुंचे यह बर्दास्त नहीं होगा । यहां तक कि रूस पर प्रतिबन्ध लगाए जा सकते है हालाकि अमेरिका अभी खुलकर सामने नहीं आ रहा है वह पूरे खित्ते को समझने की कोशिश कर रहा है रूस का अगला कदम जो भी होगा अमेरिका ठीक उसी तरह अपनी रणनीति पर काम करेगा ।

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