Karmayogi Yojna : सरकारी कर्मचारी को हुनर तलाशने का मौका देती कर्मयोगी योजना

अगर आप भारत में रहते है और सरकारी कर्मचारी है तो हम आपके लिए आज कुछ खास लेकर आए है। वैसे आप किसी भी क्षेत्र में कार्य कर रहे हो आपके हुनर के हिसाब से आपको पैसे मिलते हैं लेकिन सरकार के अधीन काम करने वाला सरकारी जब अपने क्षेत्र में काम करता है तो उसकी मेहनत और लगन साथ ही हुनर को बहुत कम ही लोग पहचान और देख पाते है । ऐसा बहुत बार देखा गया है। लेकिन प्रधानमंत्री द्वारा जारी की गई एक योजना ने सरकारी कर्मचारी के हुनर को तलाशेगी मतलब उसका स्किल डेवलपमेंट किया जाएगा। यह स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग प्राप्त करके ऑनलाइन कंटेंट प्राप्त किया जाएगा। इस योजना के तहत आपकी ऑन द साइड ट्रेनिंग पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा। इससे फायदा यह होगा कि सरकारी कर्मचारी के काम करने मे पैनापन और तेजी आएगी। क्षमता बढ़ाने के लिए बकायदा ट्रेनिंग दी जाएगी। आपको बता दे की मिशन कर्मयोगी योजना के दो मार्ग होंगे सव चलित और निर्देशित। यह योजना पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में चलाया जा रहा है इसके अंतर्गत बहुत से एचआर परिषद , चयनित केंद्रीय मंत्री और सीएम शामिल हो होंगे। यह सभी लोग इसमें योगदान देते है।

क्या है इसका मकसद?

इस योजना से जुड़ी कुछ बातें तो हमने जान ली । अब समझते है इसका उद्देश्य क्या है पीएम नरेंद्र मोदी का इस योजना को चलाने का मकसद यही है कि सरकारी कर्मचारी की क्षमताओं और विकसित किया जाए । उनके काम करने के तरीके उनके हुनर को देखकर उनका स्किल डेवलपमेंट किया जाए और अच्छी राह दिखाई जिससे आने वाले समय में भारत का विकास हो और इन सभी का योगदान हो । इस योजना के संचालन के लिए सरकार ने अनेक प्रकार के संशोधन किए है जैसे कंटेंट, ट्रेनिग , ई लर्निंग ये सभी । सिविल सेवक को अधिक से अधिक रचनात्मक और कल्पनाशील बनाया जाएगा । पीएम ने इस योजना के लिए 510.86 करोड़ बजट निर्धारित किया था । जिसमे केंद्रीय कर्चारियों के लिए बजट करीब 46000 पांच वर्षो के लिए है इसमें एक परियोजना का भी गठन किया जाएगा । जिसके माध्यम से कम्पनी अधिनियम को धारा 8 के तहत ही स्वामित्व किया जाएगा । साथ ही वाहन कम्पनी का भी गठन होगा जो non profit organization के रूप में काम करेगी ।

विशेषताएं भी जानिए

इस योजना के अंतर्गत कई ऐसी विशेषताएं है जो इस योजना को खास बनाती है ।

  • मिशन कर्मयोगी योजना की शुरुआत 2 सितम्बर 2020 से ही शुरू है ।
  • इसके सफल संचालन के लिए इस योजना के साथ I GOT कर्मयोगी प्लेटफार्म को भी जोड़ा गया हैं जिसके माध्यम से ऑनलाइन कंटेंट उपलब्ध कराया जाएगा ।
  • इस योजना में नई परिषद का गठन हुआ है इसमें पीएम मोदी के अलावा एच आर परिषद , चयनित केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री शामिल है ।

मिशन कर्मयोगी योजना में शामिल कौशल

मिशन कर्मयोगी योजना के तहत कई सारे कौशल को जोड़ा गया है इसमें जीतने भी कौशल है सभी सरकारी कर्मचारी को विकसित करने का काम करेंगे । तो आइए जानते है एक एक प्वाइंट कौन से कौशल है ।

  • अधिकारियों को इनोवेटिव बनाना
  • अधिकारियों को ऊर्जावान बनाना
  • पारदर्शी बनाना
  • अधिकारियों को सक्षम बनाना
  • अधिकारियों के अंदर हुनर तलाशना
  • प्रगतिशीलता का उद्देश्य देना

iGot प्लेटफार्म क्या है जो इस योजना में जारी किया गया है?

मिशन कर्मयोगी योजना में सरकारी कर्मचारी को ऑनलाइन प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए iGot को जोड़ा गया है iGot प्लेटफार्म के माध्यम से कार्यों का निर्धारण किया जाएगा । साथ रिक्तियों की सूचना भारत सरकार तक पहुंचाई जाएगी ।iGot के जरिए कर्चरियों की उपस्थिति और अन्य गतिविधियों पर ध्यान रखा जाएगा । अब समझते है

आखिर iGot है क्या?

मिशन कर्मयोगी योजना में iGot का बहुत बड़ा योगदान होगा । इस प्लेटफार्म के माध्यम से कर्मचारियों को ऑनलाइन एवम डिजिटल लर्निंग की सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी । iGot प्लेटफार्म को समूचे विश्व भर के बाजारों में ई लर्निंग सामग्री खरीदने के लिए भी प्रसारित किया जाएगा । अधिकारियों और कर्मचारियों की क्षमता का निर्माण के लिए ई लर्निंग कांसेप्ट दिया जाएगा ।

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