National Tourism Day 2022 : जानिये पर्यटन दिवस का इतिहास और उद्देश्य

National Tourism Day : भारत की खूबसूरती जगजाहिर है। दुनियाभर से लोग भारत घुमने आते हैं और यहाँ के सुहावने पर्यटन स्थलों में सुकून पाते हैं। भारत की अर्थव्यवस्था में भी पर्यटन की भागीदारी बेशकीमती है। इसी वजह से भारत सरकार ने 25 जनवरी को राष्ट्रीय पर्यटन दिवस मनाने का निर्णय लिया।

पर्यटन दिवस मनाने का उद्देश्य क्या है?

भारत में असंख्य ऐतिहासिक, प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर हैं जिनकी उत्कृष्टता से अबतक लोग अंजान हैं। ऐसे में सरकार का यह दायित्व बनता है कि वो लोगों को इन स्थलों के बारे में सूचित करे और पर्यटन को बढ़ावा दे। ऐसा करने से रोजगार बढ़ेगा और लोगों के समक्ष जागरूकता फैलेगी और नतीजतन वो इन स्थानों का भ्रमण करेंगे। राष्ट्रीय पर्यटन दिवस मनाने के पीछे भी सरकार का यही मंतव्य है और एक हद तक सरकार की यह पहल साकारात्मक रही है।

पर्यटन दिवस का इतिहास क्या है? शुरुआत कब हुई?

आपको बता दें कि दुनियाभर में विश्व पर्यटन दिवस 27 सितंबर को मनाया जाता है लेकिन भारत का पर्यटन दिवस 25 जनवरी को होता है। इस दिन की शुरुआत 1948 में ही हो गई थी, जब देश आजाद होने के बाद भारत में पर्यटन को बल देने के लिए एक पर्यटन यातायात समिति का गठन किया गया। इसके तीन साल बाद यानी 1951 में कोलकाता और चेन्नई में पर्यटन दिवस के क्षेत्रीय कार्यालयों में बढ़ोतरी की गई। दिल्ली, मुंबई के अलावा कोलकाता और चेन्नई में पर्यटन कार्यालय बनाए गए। साल 1998 में पर्यटन और संचार मंत्री के अंतर्गत पर्यटन से एक विभाग जोड़ा गया। तब से अबतक प्रतिवर्ष 25 जनवरी को राष्ट्रीय पर्यटन दिवस मनाया जा रहा है।

जीडीपी में पर्टयन का कितना बड़ा योगदान है?

पर्यटन भारत की अर्थव्यवस्था को दुरूस्त रखने में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। साल 2017 में पर्यटन से भारत ने लगभग 23 अरब डॉलर का राजस्व अर्जित किया था। साल 2018 में 9.2 फीसदी जीडीपी में योगदान था, जिससे देश को 16.91 लाख करोड़ का फायदा हुआ था। देश में 8.1 फीसदी रोजगार पर्यटन से मिल रहा है। यह दर्शाता है कि भविष्य में पर्यटन चौगुनी तेजी से वृद्धि करेगा और लाखों लोग इससे अपनी आजीविका चला सकेंगे।

भारतीय पर्यटन से जुड़ी कुछ मनमोहक तस्वीरें देखिये –

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