Shilpi Kalwani Interview: मिलिये बहुमुखी प्रतिभा की धनी शिल्पी कलवानी से

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पैदा हुई शिल्पी कलवानी एक वक्ता, कवियित्री, शोधकर्ता और लेखक हैं। अपने काम को पैशन और सार्थकता से दिशा देने वाली शिल्पी इन दिनों बिट्स पिलानी से पीएचडी कर रही हैं। परंपरागत स्टीरियोटाइप्स को चुनौती देकर आगे बढ़ रही शिल्पी को पीछे मुड़कर देखना पसंद नहीं है। पेश है उनसे की गई बातचीत का एक हिस्सा :

Be-JAGRUK : आपकी पहचान एक वक्ता, कवियित्री, शोधकर्ता और लेखक की है। एक साथ इतने सारे काम आप कैसे कर लेती हैं?

शिल्पी : जैसा कि ग्रीक फिलॉस्फर अरस्तु ने कहा है “Pleasure in the job puts perfection in the work” जब किसी काम के प्रति आपका रुझान धीरे धीरे Passion में तब्दील हो जाता है तो फिर समय निकालना कोई बड़ी बात नहीं है। मेरे लिए मेरी कवितायें, शोध, लेखन या स्टेज पर व्यक्त किए गये विचार एक बड़े लक्ष्य तक पहुंचने का मात्र एक ज़रिया हैं। उस बड़े लक्ष्य को आप “Conscious living” का नाम दे सकते हैं। एक ऐसी जीवनशैली का निर्माण जहां हम पैशन, ज्ञानवर्धन, मानसिक स्वास्थ्य, सद्भाव तथा अध्यात्म जैसे पहलुओं पर अपने ध्यान को केंद्रित करते हैं। मेरे लेखन या शोध में आपको इसी विचारधारा की झलक दिखाई देगी।

Be-JAGRUK : आपने TEDx जैसे मंच पर अपने विचार रखे हैं। मंच पर बोलने की कला को कैसे निखारा जा सकता है?

शिल्पी : किसी भी कला को निखारने के लिए निरंतर अभ्यास की ज़रूरत होती है। निरंतर ऐसे मौकों की तलाश ज़ारी रखना चाहिए जो आपकी विचारधारा से मेल खाते हों। यह वक्ता होने का सबसे अहम पहलू है। लोग आपको इसलिए नहीं सुनने आएंगे कि आप स्टेज पर अच्छा बोलते हैं बल्कि इसलिए सुनेंगे कि आप जो कह रहे हैं उससे उनके जीवन में किसी तरह का सकारात्मक बदलाव आ सकता है। किसी भी श्रोता का एक वक्ता पर यह विश्वास तब बैठता है जब उसे लगे कि आप जो स्टेज पर कह रहे हैं वो आपकी वास्तविकता है या आपके जीने की असल विचारधारा है। इसलिए स्टेज पर अच्छा बोलने तथा अच्छा कंटेंट देने से ज्यादा जरूरी है वक्ता तथा उसकी विचारधारा का विश्वसनीय होना। वक्ता का अपनी कला के सम्पूर्ण प्रभाव पर अटल विश्वास होना महत्वपूर्ण है।

Be-JAGRUK : आप Mental Health के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं। इसके पीछे की कहानी क्या है?

शिल्पी : मैं इस मामले में बहुत खुशनसीब हूँ कि मुझे अलग अलग शहर व वातावरण में रहने का अवसर मिला है। इससे मुझे अपनी शैक्षणिक योग्यता और अनुभव प्राप्त हुए हैं। इतने अलग अलग अनुभवों में मेरी मुलाकात ऐसे कई लोगों से हुई जो मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं से जूझ तो रहे थे पर उसके बारे में बात नहीं कर सकते थे। मैंने कॉर्पोरेट क्षेत्र के अपने अनुभवों में कई करीबी सहकर्मियों को मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं की वजह से अपनी नौकरी छोड़ते हुए देखा है। इससे मैंने ये समझा कि मूलतः भारतीय संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं के लिए ज्यादा प्रावधान नहीं हैं। इसका एक मूल कारण मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता की कमी है। बस इसी वजह को ध्यान में रखते हुए मैंने मानसिक स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषय पर काम करने का मन बनाया। मैंने मेन्टल हेल्थ फर्स्ट एड को समझने के लिए YMHFA ऑस्ट्रेलिया जैसे प्रतिष्ठित संस्थान से ट्रेनिंग तथा सर्टिफिकेशन प्राप्त किया। मैं सोशल मीडिया पर प्रोजेक्ट अल्ट्रूइसम (Project Altruism) नाम के एक ऑनलाइन इनिशिएटिव चलती हूँ जो सोशल मीडिया पर मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े सही तथ्यों के बारे में जागरूकता फैलाता है। हाल ही में मेरा मानसिक स्वास्थ्य पर प्रकाशित एक शोधपत्र (research paper) प्रतिष्ठित अनुसन्धान आईआईएम कलकत्ता (IIM Calcutta) के ‘A’ केटेगरी जर्नल डिसीजन (Decision) में प्रकाशित हुआ है। मेरी यही कोशिश है कि मेरे छोटे छोटे पर महत्त्वपूर्ण कदम किसी दिन मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का नया बदलाव लेकर जरूर आएंगे।

Be-JAGRUK : आपको खाली समय में क्या करना पसंद है? पसंदीदा किताब कौन सी है? पसंदीदा फिल्म कौन सी है?

शिल्पी : मुझे नए अनुभव तथा नई कहानियों से लगाव है। इन अनुभवों तक पहुंचने के लिए यात्रा और कला एक बेहतरीन ज़रिया है। किसी नई जगह की यात्रा ना सिर्फ आपको उस जगह के इतिहास या कला से जोड़ती है बल्कि आपको एक नए परिप्रेक्ष्य का अनुभव करवाती है। अपना खाली समय मुझे प्रकृति के बीच बीताना बहुत पसंद है। मेरी पसंदीदा किताबें अमृता प्रीतम की ‘पिंजर’ व तस्लीमा नसरीन की लिखी ‘लज्जा’ है। फिलहाल मैं साज़ अग्रवाल की ‘सिंध: स्टोरीज फ्रॉम ए वैनिशड होमलैंड’ पढ़ रही हूँ। इसमें सिंध का इतिहास तथा पार्टीशन के समय सिंधियों पर हुए दुराचार की साहसिक गाथा है। मेरी पसंदीदा फिल्मों में ‘अर्थ’, ‘आंधी’ और ‘परसूट ऑफ़ हैप्पीनेस शामिल है। हाल ही में मैंने ‘कश्मीर फाइल्स’ देखी जो मुझे बेहद पसंद आई। मुझे ऐसे निडर फिल्म निर्माता और लेखक पसंद हैं जो अपनी कला से बदलाव की उम्मीद रखते हैं।

Be-JAGRUK : क्या आप अपने सफर से संतुष्ट हैं? भविष्य में आप खुद को कहाँ देखती हैं?

शिल्पी : मेरे इस सफर को शुरू करने का कारण मेरा Passion और Purpose दोनों है। मुझे लगता है अभी मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के लिए बहुत कुछ करना बाकी है। मैं इस बात से संतुष्ट हूँ कि मैं धीरे धीरे अपने लक्ष्य को बेहतर समझते हुए आगे बढ़ रही हूँ। इस सफर में मैंने बहुत महत्त्वपूर्ण चीज़ें सीखी हैं। और उनमें से सबसे जरूरी बात है परिणामों से अलगाव। कुछ दिन बहुत अच्छे होते हैं तथा कुछ दिन ऐसा लगता है कि जो भी काम किया वह व्यर्थ है। इसीलिए किसी भी तरह की समय सीमा ना लगाते हुए प्रतिदिन अच्छे काम करना, संघर्ष करना और अच्छे लोगों की संगत में रहकर कुछ सीखना ही मेरा आगामी पांच वर्षों का लक्ष्य है।

Be-JAGRUK : हम एक नए दौर के साक्षी हैं जहाँ स्त्रियां शोध से लेकर लेखन तक हर क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही हैं। इस नए दौर को लेकर आपके क्या विचार हैं और आपकी फीमेल रोल मॉडल कौन हैं?

शिल्पी : मेरा मानना है कि स्त्रियों के लिए मौजूदा समय बदलाव का एक बहुत सुन्दर अवसर है। वह धीरे धीरे अपनी परंपरागत भूमिकाओं के सीमित दायरों को नई परिभाषा दे रही हैं। मैं बहुत गर्व महसूस करती हूँ कि मैं इस बदलाव की साक्षी हूँ। मैं हर वो सपने देखती स्त्री से यही कहना चाहूंगी कि सही वातावरण और सही लोगों का चयन करें। आपकी आधी क्षमताएं सिर्फ इसलिए उभर कर बाहर नहीं आती क्यूंकि आप ऐसे वातावरण या लोगों का चुनाव करती हैं जो आपके विकास में बाधा डालते हैं। इसीलिए बहुत सोच समझकर अपने लिए सही चुनाव करें। और अगर मैं अपनी फीमेल रोल मॉडल की बात करूँ तो वो हमेशा से मेरी माँ रही हैं। उनके स्नेह, संघर्ष और सहयोग के बिना मेरा सफर अधूरा है। उन्होंने बड़ी खूबसूरती से मुझे जीवन में जूझना और डटें रहना सिखाया है। उन्होंने हमेशा मुझे यह सीख दी कि सिर्फ आगे बढ़ना जरूरी नहीं है बल्कि सही मूल्यों और सही विचारधारा का साथ देते हुए एक संतुलित तरीके से आगे बढ़ना ज़रूरी है। उन्होंने मुझे परंपरागत स्टीरियोटाइप्स से दूर रहकर अपनी एक अलग पहचान को ढूंढने में मदद की है। असल मायनों में मेरी माँ ने मेरे जीवन में एक प्रेरणादायक फीमेल रोल मॉडल का काम किया है।

Be-JAGRUK : आपकी नई किताब ‘शिल्पकला’ प्रकाशित हो चुकी है। यह कविताओं का एक खूबसूरत संग्रह है। इसकी प्रेरणा कहाँ से आई और इसपर क्या कहना चाहेंगी?

शिल्पी : यह किताब ‘शिल्पकला’ अपने आप में एक रोचक सफर रहा है। इसमें मैंने अपनी चुनिंदा कविताओं का संग्रह प्रकाशित किया है। यह किताब अमेज़न (Amazon) व फ्लिपकार्ट (Flipkart) पर उपलब्ध है। इसकी प्रेरणा अमृता प्रीतम जी की खूबसूरत कविताएं रही हैं। जैसा कि वो लिखती है “जहां भी आज़ाद रूह की झलक पड़े, समझना वह मेरा घर है” बस इसी प्रेरणा और विचारधारा को आगे बढ़ाते हुए ‘शिल्पकला’ को रचा गया है।

Be-JAGRUK : हाल ही में आपने टैरो कार्ड रीडिंग की अपनी प्रतिभा को सामने रखा है। इसके तहत आपने बॉलीवुड तथा टीवी इंडस्ट्री के जाने माने चेहरों से सराहना हासिल की है। इसके बारें में कुछ बताइये।

शिल्पी : मुझे टैरो कार्ड रीडिंग करते हुए अब करीबन 7 वर्ष हो चुके हैं। पहले केवल दोस्तों और परिचित लोगों के लिए रीडिंग किया करती थी। लॉकडाउन के दौरान मैंने इंस्टाग्राम पर कॉस्मिक ओकल्ट (cosmic_occult_) के नाम से अकाउंट बनाकर रीडिंग्स शुरू की। इसी दौरान मुझे बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री से कई जाने माने लोगों से सराहना तथा सहयोग मिला। अब मैं अलग अलग तरह की हीलिंग्स सीखने और सिखाने दोनों की कोशिश कर रही हूँ। टैरो कार्ड रीडिंग को मैं अपने लिए यूनिवर्स का एक गिफ्ट मानती हूँ और अब यह मेरे अस्तित्व का एक अहम हिस्सा है।

Be-JAGRUK : आप युवाओं को क्या सलाह देना चाहेंगी?

शिल्पी : मैं युवाओं से बस इतना ही कहना चाहूंगी कि अपनी सोच का दायरा बड़ा रखें। नई चीज़ों को सीखने तथा उनमें असफल होने से घबराएं नहीं। जब तक हम अलग अलग तरह के अनुभव नहीं लेंगे तब तक हम ये कैसे तय कर पाएंगे कि कौन से अनुभव हमें प्रिय हैं और कौन से अप्रिय? कौन से अनुभव हम दोहराना चाहेंगे और कौन से नहीं? अपने पैशन तक पहुंचने का रास्ता सीधा साधा नहीं होता। इसीलिए कई तरह के अनुभवों के बाद ही ये समझा जा सकता है कि वो कौन सी ऐसी एक चीज़ है जिसमें आप अच्छे हैं और जो आपको जीवन जीने का उत्साह प्रदान करती है। पैशन को समझने का एक और नज़रिया ये भी है कि ये एक ऐसी चीज़ है जिसको करने के लिए आप तब भी उत्साहित रहेंगे जब आपको इसके लिए पैसे ना मिलें। इसीलिए अपने पैशन पर शुरुआती दिनों में आमदनी का बोझ ना डालें। अपने डे जॉब के साथ साथ अपने पैशन को फॉलो करें जब तक कि आपको अपने पैशन को डे जॉब में बदलने का कोई अवसर ना मिलें।

Be-JAGRUK : हमसे बात करने के लिए आपका आभार और भविष्य के लिए बहुत बहुत शुभकामनाएं। हमें आपके आने वाले प्रोजेक्ट्स का इंतजार रहेगा।

शिल्पी : जी, आपका भी बहुत बहुत शुक्रिया इस प्यारे से इंटरव्यू के लिए। उम्मीद है दोबारा मुलाकात होगी।

Shilpi Kalwani’s Book : https://www.amazon.in/%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A4%95%E0%A4%B2%E0%A4%BE-Shilpi-Kalwani/dp/1005353700/ref=sr_1_1?keywords=shilpi+kalwani&qid=1646822633&s=merchant-items&sr=1-1
Shilpi Kalwani’s Instagram Handle : https://www.instagram.com/shilpikalwani_official/
Shilpi Kalwani’s LinkedIn Handle : https://www.linkedin.com/mwlite/in/shilpi-k-236b9040
Shilpi Kalwani’s TEDx Speech : https://youtu.be/TWnv20CnTuM

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