K. Chandrashekar Rao 2022 : क्या प्रधानमंत्री का ख्वाब देख रहे चंद्रशेखर राव

चंद्रशेखर राव स्पीच : देश में जहां पांच राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनाव की जोर आजमाइश में कई राजनीतिक पार्टियां लगी हुई है वहीं तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव  वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीखी आलोचना करने में लगे है आए दिन नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार के कामकाजों को लेकर मोदी को निशाना बना रहे है कई राजनीतिक विश्लेषकों को तो समझ ही नहीं आ रहा है कि आखिर चंद्रशेखर राव अचानक इतने मुखर क्यों हो गए है कई जानकर तो मानने लगे है कि के चंद्रशेखर शायद देश के प्रधानमंत्री बनने की जिज्ञासा पाले बैठे है और खुद चंद्रशेखर इस बात को कह चुके है कि अगर देश की सबसे बड़ी पार्टी काग्रेस भविष्य में उन्हे यह जिम्मेदारी देती है तो वो इसे निभाने के लिए तैयार है जनता के हित के लिए हम कुछ भी कर सकते है। केसीआर  इस समय महाराष्ट्र में है जहां वो  रविवार को मुंबई में शिवसेना पार्टी के प्रमुख उद्धव ठाकरे से मुलाकात करेंगे इसके बाद एनसीपी नेता शरद पवार से भी मिलेंगे । आइए समझते है वो वजहें जो चंद्रशेखर राव मोदी पर हमला बोल रहे है

दिल्ली है अगला निशाना

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव अब तीसरी पारी खेलने का मन बना रहे है मतलब मुख्यमंत्री बनने के बाद अब चंद्रशेखर दिल्ली की गद्दी पर बैठना चाहते है उन्होंने कहा था कि किसी ने नहीं सोचा था कि मै एक दिन मुख्यमंत्री बनूंगा लेकिन राजनीति में कुछ भी संभव है मगर समस्या इस बात की है कि दिल्ली की गद्दी का ख्वाब तो पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी देख रही है और खुद कांग्रेस पार्टी चाहती है की हमारी पार्टी का नेता देश का पीएम होगा ।

उनका इशारा राहुल गांधी पर हो सकता है ऐसे में चंद्रशेखर राव का ख्वाब कहीं ख्वाब न रह जाए । क्योंकि समूचे देश में उनको अभी कोई नहीं जानता सिर्फ साउथ की राजनीति को छोड़ दे तो ऐसे में उनके लिए यह आसन बिल्कुल नहीं होगा ।

मोदी को बनाया नया दुश्मन

पिछले कुछ समय से जिस मुखरता से चंद्रशेखर राव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कस रहे है आए दिन आरोप लगा रहे है उससे तो यही लगता है राव ने अपना निशाना बीजेपी को नहीं बल्कि नरेंद्र मोदी को बनाया है कहते है न की राजनीति में सिर्फ विरोधी होते है कोई दुश्मन नहीं होता ।

लेकिन राव की राजनीति में एक दुश्मन हमेशा रहा है भाजपा की राजनीति की तरह ही तेलंगाना की राजनीति राष्ट्र समिति में ध्रुवीकरण होता है  चंद्रशेखर राव ने खुद को तेलंगाना का मसीहा और हिमायती के तौर पर पेश किया है और विरोधियों को दुश्मन समझते है  राव के लिए स्थानीय पार्टी दुश्मन थी और अब मोदी नए दुश्मन बन गए है केसीआर भले ही कई राज्यों में जाकर अपनी भविष्य की राह तलाश रहे हो लेकिन उन्हें अपने ही आगे नहीं आने देंगे  क्योंकि बिखरा विपक्ष का सिर्फ एक नारा है मोदी हटाओ इसी बयान को करके बीजेपी हर चुनाव में विपक्ष को घेरती है और आइना दिखाती है

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