UP Election 2022 – यूपी चुनाव में बीजेपी का चेहरा योगी नहीं मोदी का होगा

UP Election 2022- उत्तर प्रदेश में बीजेपी (BJP) ने पिछला चुनाव जिस आसानी से जीता था ठीक उसके बिलोम पर मतलब आगामी चुनाव उतनी कठिनाई पैदा कर रहा है । क्योंकि 2022 के विधानसभा चुनाव में एक बात तो साफ दिख रही है कि इस बार बीजेपी की ना तो लहर चलेगी और ना ही तूफान आयेगा । जनता अपना फैसला सुनाने को तैयार है उधर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव चुनाव जीतने का जो दम भर रहे है आसान तो उनके लिए भी नहीं होगा । टालमटोल न करते हुए मुद्दे पर लौटते है इसमें कोई शक नहीं है कि साल 2017 में जब बीजेपी चुनाव जीती थी वो भी बहुमत के साथ उसमे पीएम नरेंद्र मोदी चेहरा थे ना की योगी आदित्यनाथ ( Yogi AdityaNath ) ।

विपक्ष की तैयारियों और जनता के मन को देखते और समझते हुए बीजेपी ने एक बार फिर से यही साबित कर दिया है कि यूपी चुनाव पीएम नरेंद्र मोदी के चेहरे पर ही लडा जाएगा । क्योंकि पीएम नरेंद्र मोदी( Pm Narendra Modi ) के फटाफट अंदाज में यूपी के दौरे जारी है ।

क्या चुनाव मोदी बनाम अखिलेश होगा

UP Election 2022

कहने में तो अजीब लग रहा है लेकिन प्रतीत तो कुछ ऐसा ही हो रहा है। योगी आदित्यनाथ ने अभी तक अकेले 3 से 4 रैली ही की है बाकी रैली और जनसभा तो पीएम मोदी के साथ ही साझा की है फिर चाहे योजनाओं का लोकार्पण हो शिलन्यास हो । पिछले चार महीने पहले ख़बरें यह थी विपक्ष बीजेपी को यूपी में वॉक ओवर देने जा रहा है लेकिन हालात कितनी जल्दी बदल गए किसी ने सोचा तक नहीं । इसमें कोई शक नहीं है विपक्ष के तौर पर अखिलेश यादव ही अकेले ऐसा नेता है जो बीजेपी के नाक में दम कर रखा है । प्रियंका गांधी जरूरी यूपी में है लेकिन जनता और सत्ताधारी बीजेपी सीरियस ही नहीं ले रही ।

बसपा तो अभी भी विलुप्त है । जब से पीएम ने किसान बिल की वापसी की है अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने सत्ता की नब्ज टटोल ली है बीजेपी वास्तविक कमजोर नजर आ रही है । ऐसा नहीं है कि करीब पांच वर्षो से योगी आदित्यनाथ ने जनता के मन में जगह नहीं बनाई । जितनी तेजी से योगी आदित्यनाथ उभरकर आए है काबिलेतारिफ है फिर भी बीजेपी का आलाकमान योगी आदित्यनाथ के चेहरे को पीछे रखकर नरेंद्र मोदी पर ही दांव आजमाना चाहती है ।

यूपी से खुलेगा केंद्र का रास्ता

पश्चिम बंगाल खोने के बाद बीजेपी जिस तरह झटपटा रही है यूपी चुनाव को लेकर देखने लायक है । बंगाल में ममता दीदी( Mamta Didi) के आगे एक भी नहीं चली । बीजेपी के बड़े से बड़े शीर्ष नेताओं ने रैली की , जनसभा की , रोड शो किए घरों में भोजन किया फिर भी मिली तो सिर्फ हार । उसी अंदाज को बीजेपी उत्तर प्रदेश में लागू कर रही है धर्मेंद्र प्रधान ( Dharmender Pradhan) 4 महीने से यूपी में है अमित शाह की रैलियां शुरू हो चुकी है पीएम मोदी का अभियान जारी है राजनाथ( Rajnath) भी आयेंगे ।

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भी लगे है क्योंकि उत्तर प्रदेश का चुनाव इतना अहम माना जा रहा है कि इसकी डोर 2024 के लोकसभा चुनावों से बंधी है । आरएसएस और बीजेपी भलीभांति जानती है कि अगर यूपी हारे तो 2024 आसान नहीं होगा । इसलिए किसी भी कीमत पर यूपी को फतह करना ही है । एक बार और जोड़ते है यह चुनाव योगी आदित्यनाथ के लिए भी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है । कहा तो यही जा रहा है कि योगी आदित्यनाथ की राजनीति दांव पर लगी है पिछले पांच सालों में जनता के दिल में कितनी जगह बनाई है योगी ने ये तो जीत वक्त बताएगा। बीजेपी की हार योगी आदित्यनाथ के लिए संकट ला सकती है ।

Leave a Comment