Russia to Ukren War : प्रतिबंधों से कैसे चरमराई रूस की अर्थव्यवस्था

 

रूस – यूक्रेन महायुद्ध 2022: रूस और यूक्रेन के बीच महायुद्ध बढ़ता ही जा रहा है जंग के सात दिन बीत जाने के बाद रूस यूक्रेन को लेकर हमलावर है और किसी भी कीमत पर यूक्रेन की राजधानी कीव पर कब्जा करना चाहता है इसके लिए रूस ने यूक्रेन के ऊपर हमले और तेज कर दिए है उधर अमेरिका और पश्चिमी देशों ने मिलकर रूस के खिलाफ सैन्य तरीके से नहीं बल्कि आर्थिक तरीके से रूस को कमजोर करने में लगा है  पश्चिमी देशों ने रूस पर कड़े प्रतिबन्ध लगाए है जिससे रूस की अर्थव्यवस्था की कमर टूट गई । लेकिन रूस ने साफ कर दिया है कि इन प्रतिबन्ध से हमें कोई भी फर्क नहीं पड़ेगा।  रूस भले ही इस बात को इनकार करे लेकिन नतीजा सामने है कि यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद पश्चिमी देशों द्वारा जो आर्थिक प्रतिबंध लगाए है उसका असर साफ दिखने लगा है रूसी बैंको को संकट में डाल दिया है जानकर मानते है कि अगर आगे भी ऐसा रहा तो रूसी अर्थव्वस्था 5% तक सिकुड़ जाएगी। इसमें कोई शक नहीं है कि रूस इतिहास में एक साथ इतनी बड़ी संख्या में आर्थिक प्रतिबंध झेल रहा है

किन देशों ने क्या प्रतिबन्ध लगाए

रूस है कि यूक्रेन को फतह करना चाहता है इसलिए वह आक्रामक होता जा रहा है प्रतिबन्ध से रूसी बाजार और शेयर मार्केट धड़ाम है फिर भी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मंशा कुछ और ही है आइए समझते है पश्चिमी देशों ने क्या प्रतिबन्ध लगाए है ।

अमेरिका – रूस के दो सरकारी बैंको को यूएस और यूरोप में कारोबार करने से रोका 
ब्रिटेन – 5 रूसी बैंको के साथ रूस के अरबपतियों कर पाबन्दी लगाई 
जर्मनी –  रूस पर जर्मनी ने सख्त एक्शन लेते हुए 11.6 अरब डॉलर की नार्ड स्ट्रीम 2 गैस परियोजना पर रोक लगाई

जापान – रूसी बॉन्ड के साथ नागरिकों पर रोक लगाई 
ईयू – रक्षा और बैंकिंग सेक्टर के 27 रूसी अफसरों पर प्रतिबन्ध लगाया 
ऑस्ट्रेलिया – रूस के सुरक्षा परिषद के आठ सदस्य पर रोक लगाई

इसके साथ ही वीजा इंक और मास्टर कार्ड ने रूस के कई वित्तीय संस्थाओं की भुगतान प्रणाली पर रोक लगाई  । तो वहीं गूगल ने रूस के मीडिया प्लेटफार्म आरटी को ब्लॉक किया । यू ट्यूब ने भी कमाई से बैन लगाया, फेसबुक ने विज्ञापन के जरिए होने वाली कमाई मे प्रतिबन्ध लगाया ।

भारत और चीन ने प्रतिबन्ध को लेकर क्या किया

एक तरफ रूस पूरी आक्रामकता के साथ यूक्रेन की तबाही करने में जुटा है तो दूसरी तरफ उसके उपर प्रतिबन्ध लगते जा रहे है इस बीच दुनिया के दो बड़े आर्थिक देश चीन और रूस के प्रति प्रतिबंध क्यों नहीं लगा पाए उसे भी समझिए । भारत और रूस की रिश्ते बहुत पुराने और अच्छे है जब जंग के दौरान अमेरिका नाटो और पश्चिमी देश रूस को लेकर सख्त है तो भारत ने अपनी दोस्ती निभाते हुए नरमी बरती है कुछ ऐसा ही चीन ने भी किया है चीन इस जंग में खुलकर रूस के साथ है हालाकि जानकर मानते है कि रूस पर लगे प्रतिबंधों से चीन को अधिक फायदा हो रहा है इसमें कोई दोहराए नहीं है कि भारत और चीन रूस को लेकर तल्ख टिप्पणी भी करेंगे ।

 

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