Russia – Ukren War 2022: दुनिया की प्रवाह किए बिना रूस के साथ खड़े ये देश

 

रूस – यूक्रेन : रूस और यूक्रेन के बीच जंग बढ़ती ही जा रही है अभी भी दोनों देशों के बीच जंग थमने जैसी कोई स्थित नहीं दिख रही है यह जंग और कितने दिन चलेगी इसका अंदाजा किसी को नहीं है जानकर मानते है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जब तक अपनी मंशा के मुताबिक जो हासिल करना चाहते है उसे हासिल नहीं कर लेंगे यह जंग चलती ही रहेगी शायद आने वाले समय में और भयानक हो सकती है इसमें कोई शक नहीं है कि यूक्रेन से महायुद्ध लड़ रहा रूस पूरी दुनिया में अलग थलग पड़ गया है इसके बावजूद दुनिया के सभी देशों के खिलाफ जाकर कुछ देश रूस के साथ खड़े है उसमें भारत भी शामिल है इसका प्रमुख कारण है कि रूस के साथ भारत के पुराने अच्छे सम्बन्ध और अन्य देशों के राष्ट्रध्यक्ष के साथ पुतिन के गहरे रिश्ते । पुतिन का  जो देश  आज साथ दे रहे है कभी पुतिन कठिन समय में उनके साथ खड़े रहे थे।  इसी का नतीजा है कि कई देश रूस के साथ इस जंग में साथ खड़े है वो भी दुनिया की परवाह किए बिना।  आइए जानते है वो कौन से डेढ़ है को महायुद्ध के दौरान रूस के साथ खड़े है ।

भारत , 1971 की जंग मे रूस ने साथ दिया

रूस और यूक्रेन के बीच जब से जंग शुरू हुई है भारत ने अपनी दोस्ती निभाते हुए पहले दिन से रूस के साथ खड़ा दिखाई दिया है वो भी अमेरिका के दबाव और चेतावनी के बावजूद । भारत ने हर मोर्चे पर रूस का साथ दिया चाहे संयुक्त राष्ट्र महासभा में वोट करने की हो , निंदा प्रस्ताव पर हो लगभग सभी अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत ने रूस के खिलाफ न जाकर साबित कर दिया कि मुसीबत के वक्त दोस्त ही दोस्त के काम आता है

बेलारूस, जब राष्ट्रपति को बेदखल होने से बचाया

अभी तक पूरे जंग में बेलारूस ने रूस का पूरा साथ दिया है और खुद बेलारूस ने यूक्रेन को ललकारा है यहां तक अपने सैनिकों को भी अलर्ट किया है बेलारूस रूस के साथ सिर्फ जमीनी सीमा साझा नहीं करता बल्कि दोनों के बीच आर्थिक और राजनीतिक रिश्ते बहुत मजबूत है व्यापार का 48% हिस्सा रूस से होता है एक बार बेलारूस के राष्ट्रपति एलेक्जैंडर लुकासहेंको के खिलाफ कुछ विद्रोहियों ने आवाज उठाई और प्रदर्शन किया तब रूस ने साथ दिया था।

सीरिया, रूस की कार्रवाई से दुरस्त हुआ इतिहास

सीरिया ने इस युद्ध पर रूस का साथ दिया और अमेरिका पर हमला बोला । सीरिया में राष्ट्रपति बशर अल असद पर युद्ध अपराध और रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल को लेकर सीरिया की अदालत में मुकदमा चल रहा है तब असद पर लगे मुकदमों को पुतिन गलत बताते रहे है रूस की कार्रवाई के बाद असद ने यूक्रेन को लेकर कहा पुतिन इतिहास को दुरस्त कर रहे है ।

वेनेज़ुएला , रूस ने आर्थिक तंगी से बचाया

किसे याद नहीं होगा जब वेनेज़ुएला ने दुनिया के सबसे बड़े ताकतवर मुल्क अमेरिका को हराया था लैटिन अमेरिका देश वेनेज़ुएला रूस का अहम सहयोगी देश है और दोनों के रिश्ते भी बहुत मजबूत है आर्थिक तंगी से जूझ रहे इस देश को रूस ने आर्थिक मदद दी थी यहां तक कि राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की जीत पक्की करने में रूस ने बहुत साथ दिया। यहां तक दोनों की सेनाएं संयुक्त अभ्यास भी करती है

चीन , हमदम का साथी है रूस

चीन वो देश है जिसकी चालबाजी और धोखेबाजी से दुनिया वाकिफ है उसकी विस्तारवादी नीति के कारण कई देशों के रिश्ते चीन के साथ अच्छे नहीं है लेकिन अगर आप यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध में देखे तो चीन ने रूस का खुलकर साथ दिया है दुनिया की प्रवाह किए बिना चीन ने रूस को खुलकर समर्थन किया और मदद का भी भरोसा दिलाया । तो अमेरिका पर चीन जमकर बरसा इतना ही नहीं पश्चिमी देशों के द्वारा लगाए गए प्रतिबन्ध को लेकर चीन ने खूब लताड़ा । करोना वायरस को लेकर जब पूरी दुनिया चीन को घेर रही थी तब रूस ने चीन का साथ दिया था ।
 

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