EVM : ईवीएम क्या है? कैसे काम करती हैं ईवीएम मशीनें?

Voting Right – ईवीएम यानी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (Electronic Voting Machine)। अगर आपने जीवन में कभी भी वोट दिया है तो आपको मालूम होगा ईवीएम क्या है। ईवीएम से ही हम हमारे जन प्रतिनिधियों मतलब विधायक (MLA) या सांसद (MP) को चुनते हैं। ईवीएम मशीन के आने से वोटिंग प्रक्रिया सरल हो चुकी है। पहले मतपत्रों (Ballot) की गिनती में कई दिन लगा करते थे। जिसके कारण चुनाव परिणाम भी देरी से आते थे। अब ईवीएम मशीन के जरिए मतों की गिनती बेहद तेजी से होती है और 5 से 6 घंटे में ही परिणाम आ जाते हैं। इतना ही नहीं, इसके जरिए जल्दी वोट कराना भी संभव हो पाया है। पहले जहां पारंपरिक तरीके से वोट कराने में एक वोटर को ही 2 से 3 मिनट लगते थे, वहीं ईवीएम के जरिए वोट कराने में 1 मिनट में 3 वोट डाले जा सकते हैं। यानी ईवीएम का प्रयोग करना समय, धन और मेहनत की बचत है। ईवीएम की एक और खासियत यह है कि ये 6 वोल्ट की एल्कलाइन बैटरी से चलती है। इस वजह से ईवीएम का इस्तेमाल ऐसे इलाके में भी किया जा सकता है जहां पर बिजली कनेक्शन नहीं है।

कैसे काम करती हैं ये मशीनें?

ईवीएम कैसे काम करती है यह समझना रॉकेट साइंस नहीं है। इसमें मतदाताओं को वोट करने के लिए एक बटन दबाना होता है। मतदान अधिकारी भी एक बटन दबाकर तुरंत मशीन बंद कर सकता है ताकि अगर मतदान केंद्र पर
कोई हमला हो तो उस स्थित में जबरन डाले जाने वाले फर्ज़ी मतों को रोका जा सके।

मतदान से जुड़े रिकॉर्ड्स रखने वाली मशीन पर मोम की परत चढ़ी होती है। इसके साथ ही इसमें चुनाव आयोग की तरफ़ से आने वाली एक चिप और सीरियल नंबर होता है। इन मशीनों के प्रयोग से मतगणना का काम आसानी से होता है। एक लोकसभा सीट के लिए डाले गए मतों को सिर्फ तीन से पांच घंटों में ही गिना जा सकता है जबकि बैलट पेपर के दौर में इसी काम को करने में 40 घंटे से ज्यादा लगते थे। इस दर्शाता है कि ईवीएम कितना किफायती है।

क्या ईवीएम से छेड़छाड़ संभव है?

जब भी देश में कहीं मतदान खत्म होते हैं तो उसके फौरन बाद ईवीएम में गड़बड़ी किए जाने की आशंका जाहिर की जाने लगती है। मगर आज तक ईवीएम हैक के पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं। यूंकि ये मशीनें किसी इंटरनेट नेटवर्क से नहीं जुड़ी होतीं लिहाजा इन्हें हैक करना संभव नहीं है। हाँ, ये दावा भी किया गया कि इन मशीनों की अपनी फ्रीक्वेंसी होती हैं, जिसके जरिए इन्हें हैक किया जा सकता है, लेकिन इस तरह के दावे पूरे तरीके से सही नहीं पाए गए हैं। लेकिन एक बात ज़रूर है कि ईवीएम मशीनों को फिजिकली मैन्युपुलेट किया जा सकता है। यानी अगर किसी के हाथ में ये मशीन आ जाए, तो वो इसके नतीजों में उलटफेर कर सकता है।

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