वैली ऑफ़ फ्लॉवर फूलो की घाटी , उत्तराखंड के अधिकांश कस्बों और शहरों से जुड़ी है.

साल 1931 में ब्रिटिश पर्वतारोही फ्रैंक एस स्मैथ ,एरिक सिप्टन और आर एल होल्ड स्वार्थ माउंट अभियान से लौटने के दौरान अपना रास्ता भटक गए ।इसके बाद वो चलते चलते एक ऐसी घाटी पहुंच गए जो फूलो से भरी थी

इस घाटी में लगभग 500 प्रजातियों के रंग बिरंगे फूल पाए जाते है

वैली ऑफ़ फ्लॉवर उत्तराखंड में है

वैली कि समुन्द्र तल से ऊंचाई लगभग 3352 से 3658 मीटर है

भारत सरकार ने 1982 को इस घाटी राष्ट्रीय उद्यान के रूप में मान्यता दी

साल 1988 में यूनेस्को ने इस घाटी की अद्भुत सुंदरता और स्वच्छ वातावरण को ध्यान में रखते हुए वैली ऑफ़ फ्लॉवर को विश्व के धरोहर मे शामिल कर लिया।

साल 1939 में रॉयल बोटेनिक गार्डेन केयू द्वारा को फूलो के अध्यन के लिए वहां भेजा गया था

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