मनुष्य को केवल अपने कर्म पर ही विश्वास करना चाहिए कर्म श्रेष्ठ होगा तो फल भी वैसा प्राप्त होगा।

जब नीयत साफ हो नियति आपके साथ होती है।

फूंक दे खुद को ज्वाला ज्वाला बिन खुद जले ना होय उजाला.

जिसे करने से हमें डर लगता है जब हम वह करते हैं तब हम निडर बन जाते हैं।

घृणा घृणा से नहीं प्रेम से ख़त्म होती है
यह शाश्वत सत्य है।

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