सिम कार्ड का आविष्कार 1991 में Munich smart card maker Gisecke and Devirent के द्वारा किया गया था

सिम का पूरा नाम Subscriber Identification Module है.

सिम सामान्यता दो प्रकार के होते है एक पोस्टपेड सिम दूसरा प्रीपेड सिम ।

प्रीपेड सिम वह सिम होता है जिसमे आपको  सेवाएं लेने के लिए पहले कम्पनी को भुगतान करना पड़ता है फिर आपको सर्विस मिलती है ।

इस तरह के सिम में ग्राहक पहले सर्विस का उपयोग करते है फिर बाद में भुगतान करते है । यहां पर आप जितनी सर्विस उपयोग करेंगे आपको उतने पैसे देने होंगे।

पोस्ट पेड सिम में ग्राहक को उसकी सेवा के अनुसार ही सर्विस दी जाती है । जिसमें कॉलिंग , मैसेजिंग और डेटा की लिमिट तय होती है आप एक महीने में जितनी सेवाएं लेंगे उतने का भुगतान करना होगा ।

सिम मे आपका नंबर होता है जिसे आप कॉलिंग मैसेजिंग का फायदा उठा सकते है

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